भिवानी। किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज लिमिट बढ़ाने से जिले के करीब 35 हजार से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं जिले के करीब 40 हजार कर्मचारियों के अलावा करीब 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी केंद्रीय बजट में रियायतों का पिटारा खुला है।
भिवानी में लघु उद्योगों के लिए भी रियायतें मिलेंगी। भिवानी में करीब साढ़े पांच सौ से अधिक लघु उद्योग हैं, जिसमें ढाई सौ से अधिक उद्योग तो प्लास्टिक एवं नॉन वुवन कपड़ा से जुड़े हैं। एमएसएमई के लिए लोन की सीमा बढ़ाना भी स्टार्टअप करने वालों के लिए राहत भरा कदम रहेगा।
भिवानी जिले में करीब 75 हजार से अधिक किसान हैं, जिनमें से करीब 35 हजार किसान अपना किसान क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं। जिनके जरिए वे बैंक से अपनी लिमिट तय कराते हैं। ऐसे किसानों के लिए अब क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट बढ़ने से ज्यादा फायदा मिलेगा।
जिले में डेयरी और मत्स्य पालन करने वालों के लिए भी राहत है। जिले में करीब डेढ़ हजार से अधिक किसान मत्स्य पालन कर रहे हैं, वे परंपरागत खेती से भी जुड़े हैं। वहीं डायरी पालन का भी जिले में काफी युवा अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। जिन्हें अब पांच लाख तक का लोन मिलेगा। भिवानी जिले में मेडिकल उपकरण बनाने वाले भी करीब 15 से 20 उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। ये लघु उद्योग सर्जिकल आइटम बनाते हैं। केंद्रीय बजट का असर इन उद्योगों के कारोबार पर भी पड़ेगा।