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Bhiwani News: डीएलएड प्रथम में 31.64, द्वितीय में 77.40 फीसदी रहा परिणाम

Tue, 02 May 2023 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड (डिप्लोमा इन इलेमेंटरी एजुकेशन) का रिजल्ट मंगलवार को बोर्ड की वेबसाइट पर जारी किया है। डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2020-22 में प्रथम वर्ष में 31.64 और द्वितीय वर्ष में 77.40 फीसदी भावी अध्यापक पास हुए। डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2021-23 के प्रथम वर्ष में 47.71 फीसदी भावी अध्यापक पास हुए।
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शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने पत्रकार वार्ता के दौरान दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणाम मई के मध्य में जारी किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय बदलने पर बोर्ड से अनुमति लेने पर फीस मामले में भी बोर्ड पुनर्विचार करेगा। बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि आठवीं की बोर्ड परीक्षा पुन: आरंभ कराने के लिए बोर्ड प्रशासन जल्द सरकार से पत्राचार करेगा। वहीं नवंबर में एचटेट की परीक्षा भी कराई जाएगी।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव एवं सचिव कृष्ण कुमार ने बताया कि डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2020-2022 प्रथम वर्ष में 631 छात्र-अध्यापक शामिल हुए, जिनमें से 199 उत्तीर्ण रहे। पास प्रतिशतता 31.54 रही। डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2020-2022 द्वितीय वर्ष में 2690 छात्र-अध्यापकों में से 2082 उत्तीर्ण रहे। इनकी पास प्रतिशतता 77.40 रही है। डीएलएड प्रवेश परीक्षा 2021-2023 प्रथम वर्ष में 5123 छात्र-अध्यापकों में से 2429 उत्तीर्ण रहे और पास प्रतिशतता 47.41 रही। डीएलएड मर्सी चांस प्रवेश वर्ष 2016-2018 प्रथम वर्ष का परिणाम 56.60 फीसदी, द्वितीय वर्ष 82.50 फीसदी, वर्ष 2017-2019 प्रथम वर्ष का परिणाम 54.08 फीसदी, द्वितीय वर्ष 78.47 फीसदी रहा।
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वहीं वर्ष 2018-2020 प्रथम वर्ष का परिणाम 67.79, द्वितीय वर्ष 90.81, व वर्ष 2019-2021 प्रथम वर्ष का परिणाम 53.66, द्वितीय वर्ष 86.63 प्रतिशत रहा। बोर्ड सचिव ने बताया कि परीक्षा की संस्था वार परिणाम शीट्स संस्थाओं की लॉगिन आईडी पर भेजी जाएगी।

फीस पर फिर से होगा विचार, सुझावों के हिसाब से तय होगी राशि
बोर्ड चेयरमैन डॉ. वीपी यादव ने नौंवी से 12वीं तक स्कूल बदलने पर एसएलसी फीस को लेकर शिक्षक संगठनों के विरोध पर कहा कि फीस को लेकर फिर से विचार होगा। शिक्षक व निजी स्कूल संगठनों की तरफ से सुझाव रखे गए हैं, उसी हिसाब से राशि तय होगी। उन्होंने बताया कि 867 निजी स्कूलों ने करीब छह हजार बच्चों की फर्जी एसएलसी जारी की थी। करीब 100 निजी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी किया और एफआईआर भी दर्ज कराई गई। लेकिन अब जब तक पिछला स्कूल एसएलसी जारी कर बच्चे को रिलीव नहीं करता तब तक दूसरा स्कूल उसे स्वीकार नहीं करेगा। बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि 90 फीसदी फर्जी एसएलसी मामले दूसरे राज्यों के हैं। करीब 16 हजार बच्चों तो पकड़ में आ चुके हैं।

नवंबर में फिर एचटेट की तैयारी
शिक्षा बोर्ड नवंबर 2023 में फिर से एचटेट की परीक्षा कराएगा। एचटेट की परीक्षा को लेकर सरकार से भी पत्राचार किया गया है और इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में एचटेट की परीक्षा होगी। पिछली बार की तरह एचटेट की परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षा बंदोबस्त से होगी। एचटेट के आवेदन भी जल्द आमंत्रित किए जाएंगे।
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