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विधानसभा में भी उठेगी किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों की आवाज

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहल। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की सूची से वंचित रहे किसानों की आवाज विधानसभा में उठेगी। लोहारू के विधायक ओमप्रकाश बड़वा किसानों को उनका हक दिलाने के लिए मायूस किसानों को योजना में शामिल करने के लिए 20 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।
अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए विधायक ओमप्रकाश बड़वा ने कहा कि यह वास्तव में चिंतनीय विषय है कि उन किसानों को इस योजना से वंचित कैसे किया जा सकता है जो लंबे समय से काश्तकार हैं और जमीन उनके नाम मौरूस हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन को मलकियत के अलावा उन किसानों के नाम भी सूची में देने चाहिए थे। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है और वे इस मामले को जोर-शोर से सत्र के दौरान रखेंगे तथा सरकार से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहेंगे। वहीं, मामले को लेकर किसान संगठनों की भृकुटि भी तन गई है।
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अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से नई सूची जारी कर उन किसानों के नाम भी दर्ज करने चाहिए जिनके नाम खानाकास्त में दर्ज है। वे संगठन से विचार विमर्श कर इस मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाएंगे।
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सूची से गायब है अनेकों किसानों के नाम
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम से किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये देने की घोषणा की है। इसके लिए जो सूची तैयार की गई है उसमें केवल मलकियत वाले किसानों को ही शामिल किया गया है। अमर उजाला ने किसानों की इस समस्या को 19 फरवरी के अंक में प्रकाशित कर उजागर किया था। मोटे अनुमान के अनुसार फिलहाल अकेले बहल कस्बे में करीब एक हजार से ज्यादा किसान योजना से वंचित है।
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