भिवानी। 227 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले ग्रीन कॉरिडोेेर को पूरी तरह ही ग्रीन बनाने के लिए 1.30 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वैसे तो खेतों से होकर बनने के कारण इसे ग्रीन कॉरिडोेेर का नाम दिया गया है मगर इसे ग्रीन हाइवे का नाम दिलाने के लिए भी प्लानिंग बन गई है। 227 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोेेर पर एक लाख 30 हजार पौधे लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट के तहत पर्यावरण संबंधी या अन्य कोई समस्या है तो इसकी जन सुनवाई शुक्रवार को पहले दादरी और भिवानी के लघु सचिवालय में होगी।
हरियाणा के राष्ट्रीय राजमार्ग-आठ और राष्ट्रीय राजमार्ग-एक को जोडने के लिए ग्रीन कॉरिडोेेर के निर्माण का प्रोजेक्ट है। यह 227 किलोमीटर लंबा होगा। अगर भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र की बात की जाए तो भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ में इसकी लंबाई करीब 95 किलोमीटर की होगी। इसके निर्माण पर करीब नौ हजार करोड़ की लागत आएगी और 2020 तक यह प्रोजेक्ट बनकर तैयार होगा।
ग्रीन फिल्ड योजना के तहत बनने वाले मार्ग के परियोजना निदेशक केएम शर्मा ने बताया कि यह अपने तरह का एक अलग प्रोजेक्ट है और इस पर प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। ना ध्वनी प्रदूषण और ना ही वायु प्रदूषण। वाहनों की स्पीड अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटा इस मार्ग पर तय की गई है। मार्ग को ग्रीन हाइवे बनाने के लिए एक लाख 30 हजार से ज्यादा पेड़-पौधे मार्ग के दोनों ओर और डिवाइडर पर लगाए जाएंगे। पर्यावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए प्लानिंग बनाई।
जनसुनवाई आज
नेशनल हाई-वे 152 डी को लेकर 14 दिसंबर को डीआरडीए सभागार में पर्यावरण निष्पादन के लिए जन सुनवाई के लिए एक बैठक होगी। परियोजना निदेशक केएम शर्मा ने बताया कि सुबह 11 बजे चरखी दादरी के लघु सचिवालय ऑडिटोरियम में और दोपहर बाद तीन बजे भिवानी के डीआरडीए हॉल में सुनवाई होगी। बैठक में उपायुक्त के अलावा एनएचएआई व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगी। कोई नागरिक इस बैठक में अपने दावे या आपत्ति रख सकते हैं।
ये होगा फायदा
चंडीगढ़, जयपुर, मुंबई जाने में बचेगा काफी समय बचेगा। ग्रीन कॉरिडोेेर के निर्माण के बाद भिवानी से चंडीगढ़ तक महज ढाई घंटे में पहुंचना संभव हो सकेगा। इसके अलावा भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ के लोग पहले से आधे समय में मुंबई तक जा सकेंगे वहीं जयपुर जाने में लगने वाले समय में भी काफी कमी आएगी।
यहां-यहां से गुजरेगा मार्ग
6 लेन के इस ग्रीन कॉरिडोेेर को राष्ट्रीय हाईवे प्राधिकरण तैयार करेगा। राजस्थान-हरियाणा सीमा पर नेशनल हाईवे नंबर आठ से इसे कोटपुतली के पास से शुरू किया जाएगा। जहां से यह हाईवे नांगल चौधरी, नारनौल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, बौंद होते हुए भिवानी-रोहतक राष्ट्रीय राजमार्ग को काटेगा। इसके बाद रोहतक जिले के मदीना से होते हुए जींद के जुलाना, सफीदो व कैथल से गुजरते हुए पिहोवा व अंबाला के बीच इर्स्माईलाबाद के राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 में मिलेगा। जहां से यह अंबाला होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-1 से जुड़ेगा, जो कि अमृतसर जाता है।