भिवानी । 22 साल बाद हुए छात्र संघ चुनाव में भी लड़कों को पीछे छोड़ते हुए छह कॉलेजों की प्रधान छात्राएं बनी। सिर्फ बंसीलाल यूनिवर्सिटी और दो कॉलेजों में ही छात्र प्रधान बने। 24 पदों पर छात्राओं का कब्जा रहा। लड़के सिर्फ 12 पदों पर ही काबिज हुए। चुनाव के बाद विजेताओं ने जश्न मनाया तो वहीं विरोध करने वाले संगठन रोष जताते नजर आए। चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी में उम्मीदवार की आपत्ति पर दोबारा मतगणना की गई। चुनाव में ज्यादातर पदों पर एबीवीपी का दबदबा रहा, लेकिन जीते सदस्य खुलकर बोलने से इंकार करते रहे। कुछ ने दबी जुबान में कहा कि प्रिंसिपल ने मना किया है।
बुधवार को छात्र संघ चुनाव के लिए सुबह नौ बजे सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में मतदान शुरू हुआ। भारी पुलिस फोर्स की निगरानी में सभी कॉलेजों में चुनाव हुआ। इनसो, एसएफआई के सदस्य चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी के बाहर बैनर लेकर नारेबाजी कर रोष जताते रहे। जिलेभर में करीब 35 फीसदी मतदान हुआ। सबसे वैश्य कॉलेज में महज 17 प्रतिशत मतदान हुआ तो चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी में करीब 70 फीसदी मतदान हुआ। डीसी, एसपी स्वयं कॉलेजों में जाकर चुनाव प्रक्रिया का जायजा लेते रहे। शाम करीब साढ़े पांच बजे परिणाम घोषित होने पर विजेता विद्यार्थियों के समर्थकों ने नाच गाकर एक दूसरे को रंग लगाकर जश्न मनाया।
चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी में एक वोट से जीते राहुल
चौ. बंसीलाल यूनिवर्सिटी में प्रधान पद का मुकाबला रोचक रहा। आखिरकार छात्र राहुल को एक वोट से विजयी घोषित किया। राहुल को 14 वोट मिले जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी हेमा रानी को 13 वोट मिले। हेमा ने इस पर आपत्ति जताई। जिसके बाद दोबारा गिनती की गई। यहां भावना उप प्रधान, ज्योति सचिव और राम घनघस संयुक्त सचिव बने। इससे पहले 36 सीआर चुने गए।
गवर्नमेंट कॉलेज में धनाना का रफीक बना प्रधान
गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में प्रधान का ताज धनाना के छात्र रफीक के सिर सजा। मगर तालू के विद्यार्थी छाए रहे। उप प्रधान विजय नैन निर्विरोध बने। सचिव मिनाक्षी पंघाल, संयुक्त सचिव अंकित मान बने। ये तीनों तालू गांव से है। इनके अलावा सावन कुमार, अभिमन्यु, सावन सिवाच, साहिल शर्मा, काजल को कार्यकारी परिषद सदस्य चुना गया। यहां पहले 31 सीआर चुने गए।
राजीव गांधी कॉलेज में मोनिका बनी प्रधान
राजीव गांधी गवर्नमेंट कॉलेज में मोनिका जांगड़ा प्रधान बनी जबकि दीपक लड़वाल उप प्रधान, मधु सचिव, मनीषा संयुक्त सचिव बनी। सिमरन मक्कड़, पूजा रोहिला, पूजा सैनी, आरती शर्मा, स्वाति को कार्यकारी परिषद की सदस्य चुना गया।
आदर्श कॉलेज में प्रियंका बनी प्रधान
आदर्श महिला महाविद्यालय में प्रियंका के सिर प्रधान का ताज सजा। आरती उप प्रधान, खुशबू सचिव और आशुतोष संयुक्त सचिव बनी। इनके अलावा नेहा, कुसुम, मोनिका, ज्योति, नेहा कार्यकारी परिषद सदस्य बनी।
वैश्य कॉलेज में चार वोटो से जीत प्रधान बनी अनामिका
वैश्य कॉलेज में 17 वोट लेकर अनामिका चौहान प्रधान बनी। वह चार वोट से जीता। निधि उप प्रधान बनी तो आकाश सचिव और प्रदीप शर्मा संयुक्त सचिव बने। इनके अलावा रिंकू, बिट्टू, रवि कुमार, दिनेश, केशव गोयल को कार्यकारी परिषद सदस्य बने।
बहल जीडीसी कॉलेज में इशिता बनी प्रधान
एमएससी द्वितीय की छात्रा इशिता दो वोटों से जीतकर जीडीसी कॉलेज में छात्र संघ की प्रधान बनी। 16 वोट लेने वाली पूनम नौ वोटो से जीतकर उप प्रधान, सरिता निर्विरोध सचिव, पांच वोटों से जीतकर रजत संयुक्त सचिव बने। अंजू, मनीषा, प्रीति, रमेश कुमार, अंकुर दलाल कार्यकारी सदस्य बने। कॉलेज में 19 सीआर निर्विरोध चुने गए थे और तीन सीआर के लिए चुनाव हुए।
जीडीसी कॉलेज में हुआ फिर से मतदान
जीडीसी कॉलेज में प्रधान पद के लिए तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला था। पहले चुनाव में प्रत्याशी इशिता को 11, रोबिन लांबा को 10 तथा कविता को चार वोट मिले। लेकिन काउंटिंग में एक वोट पर इशिता की स्पेलिंग को लेकर विवाद हो गया। इस कारण रिपोलिंग हुई जिसमें इशिता के वोट बढ़कर 12 वोट हो गए। जबकि, रोबिन लांबा को दस, कविता को दो वोट मिले। एक वोट रद्द हो गया।
बहल महिला कॉलेज में स्वाति बनी प्रधान
महिला कॉलेज बहल में धान पद के लिए स्वाति तीन वोटों से जीती। स्वाति को 4 जबकि नीटू व सरिता को एक-एक वोट मिला। जबकि, उपप्रधान पद के लिए सीमा, सचिव के लिए पूनम तथा सहसचिव के लिए प्रियंका निर्विरोध निर्वाचित हुई।
बवानीखेड़ा कॉलेज में करमा बाई बनी प्रधान
राजकीय महिला कॉलेज में करमा बाई को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। आरती को उप प्रधान, सुशीला को सचिव, नीतू फौगाट को संयुक्त सचिव चुना गया। रेखा, दीपिका, रीना, उषा, रीतू देवी को कार्यकारिणी समिति सदस्य चुना गया। यहां सीआर के दो पदों के लिए चुनाव हुआ और सात सीआर पहले ही निर्विरोध चुना गया।
लोहारू बंसीलाल कॉलेज के प्रधान बने रतनलाल
चौ. बंसीलाल कॉलेज लोहारू का चुनाव काफी रोमांचक और विवादित रहा। यहां चुने गए 18 सीआर ने प्रधान पद समेत सभी पदों के लिए मतदान किया। रतनलाल एक वोट से जीतकर प्रधान बने। उन्हें नौ वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कर्मचारी को आठ वोट मिले। 10 वोट लेकर मंजीत कुमार उप प्रधान बनी। सचिव पद पर रवींद्र और श्रद्धानंद को आठ-आठ वोट मिले। लॉटरी सिस्टम से श्रद्धानंद धनखड़ को विजयी घोषित किया गया। 10 वोट लेकर विकास कुमार सह सचिव बने। कार्यकारिणी सदस्यों में पूजा, रवींद्र, अजय, राहुल को निर्विरोध चुना गया। एक सदस्य के लिए हुए चुनाव में नवीन 10 वोट लेकर विजयी रहे।
सीआर पद के लिए हुआ हाईप्रोफाइल ड्रामा
बीएससी तृतीय वर्ष में सीआर के चुनाव के लिए खूब ड्रामा हुआ। दो दफा चुनाव हुआ और तीन दफा मतगणना। सीआर पद के लिए अंकित और प्रीति उम्मीदवार थे। दोनों के चुनाव में 22 वोट आए और परिणाम टाई रहा। ड्रा के माध्यम से अंकित को विजयी घोषित किया गया। इस पर प्रीति ने आपत्ति जताई और दोबारा मतगणना करवाई। पुन: मतगणना में एक वोट पर संशय पैदा हुआ, जिसे रद्द कर दिया गया। ऐसे में हारी हुई उम्मीदवार प्रीति को विजयी घोषित कर दिया गया। इसकी सूचना उपायुक्त और विश्वविद्यालय के उप कुलपति सहित अधिकारियों को दी गई। इस कारण चुनाव चार घंटे तक थमा रहा। मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ नरेंद्र ढूल ने संबधित मामले की जांच की और दुबारा से वोटों की गिनती करवाने के बाद प्रीति को सीआर के पद के लिए विजयी घोषित किया इसके बाद अंकित उमीदवार ने इसे मानने से इंकार कर दिया और मामले को कोर्ट में जाने की बात कही है।
मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाउंगा: अंकित
चुनाव परिणाम के बाद छात्र अंकित ने बताया कि सीआर चुनावों में उसे ड्रा निकालकर विजेता घोषित कर दिया गया था परंतु इसके बाद दोबारा मतगणना करवारकर मेरा एक वोट मिलीभगत करके रद्द कर दिया गया और इसके बाद हारी हुई उम्मीदवार को विजेता बना दिया गया। जो मेरे साथ अन्याय हुआ है। अंकित ने कहा कि वे इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेंगे।