फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला का स्वच्छता को लेकर चलाया अभियान, नप कर्मचारियों की मेहनत और सामाजिक संगठनों का प्रयास से हुआ सुधार

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वच्छता सर्वे : 105 अंक सुधार के शहर को 240वां रैंक
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 शहर वासियों के लिए खुशखबरी लेकर आया। भिवानी शहर ने 105 रैंकिंग के सुधार के साथ 240वां स्थान हासिल किया। रैंकिंग से खुश नप अधिकारियों ने अब स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिए प्लानिंग करनी शुरू कर दी है। स्वच्छता रैंकिंग में भले ही 105 रैकिंग का सुधार हुआ हो लेकिन टॉप 100 में आने के लिए नप कर्मचारियों के साथ आमजन को भी मिलकर प्रयास करने होंगे।
अमर उजाला ने स्वच्छता सर्वे से पूर्व शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अभियान चला जमीनी हकीकत से रूबरू करवाया था। इसके बाद नप ने भी सफाई अभियान चलाया। 29 से 31 जनवरी तक आवास एवं शहरी मंत्रालय की ओर से भिवानी में स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया गया था। मंत्रालय की ओर से चार जनवरी से 10 मार्च तक देश के 4041 शहरों में यह सर्वेक्षण करवाया गया। भिवानी में आई मंत्रालय की टीम ने विभिन्न बिंदुओं पर शहर में सर्वे किया और आमजन की राय ली। इसे शहर वासियों का प्रयास, नप कर्मचारियों की मेहनत की ही कहेेंगे कि पिछले वर्ष की तुलना 105 रैकिंग का सुधार हुआ है। इसके बाद भिवानी देश के टॉप 250 शहरों में शुमार है।
विज्ञापन


कभी था देश के सबसे गंदे शहरों में शुमार
स्वच्छता सर्वे के पहले वर्ष भिवानी शहर की रैकिंग सबसे घटिया रही। भिवानी देश के सबसे चार गंदे शहरों में शामिल था। मगर दो सालों खासकर पिछले साल स्वच्छता में खासा सुधार आया और भिवानी 373वें रैंक से 240वें रैंक पर पहुंच गया।
अब डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की तैयारी
नप प्रशासन अब शहर को स्वच्छ बनाने के लिए डोर टू डोर कॉलेक्शन की तैयारी में है। इसके लिए प्राइवेट ठेकेदार को ठेका देने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 10 टैंपो, 50 रिक्शा रेहड़ी खरीदने की तैयारी है। ये योजनाएं सिरे चढ़ने के बाद शहर से काफी हद तक कचरे के ढेरों से निजात मिलेगी।
कचरे के ढेरों से शहर की फिर बिगड़ी सूरत
नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की पिछले दिनों हुई काम छोड़ हड़ताल का असर अब तक शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। नप कर्मचारियों ने शहर के मुख्य प्वाइंटों से तो कचरे के ढेर हटवा दिये मगर शहर की विभिन्न कॉलोनियों में अभी भी कचरे के ढेर स्वच्छता अभियान को चिड़ा रहे है। दरअसल शहर के 31 वार्डों में करीब दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां ऐसी है जहां कभी सफाई कर्मचारी जाते ही नहीं। यहां ना तो कचरे के लिए कूड़ेदान है और ना ही कोई अन्य व्यवस्था। ऐसे में खाली प्लॉट ही कूड़ादान बने है।
यह रही है तीन सालों में रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2016 373
2017 345
2018 240
इन बिंदुओं पर हुआ था सर्वे
- शहर में सफाई के प्रबंध
- कचरा उठान के प्रबंध
- कर्मचारियों की संख्या
- शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने प्रबंध
- कचरा निस्तारण प्लांट के प्रबंध
- कचरा उठान के लिए पर्याप्त संसाधन
- शहर के सिटी व पीटी शौचालयों की संख्या
- शौचालयों की सफाई के प्रबंध
- कर्मचरियों को उपलब्ध करवाए जाने वाले सुरक्षा उपकरण
- कचरा उठान का तरीका
- जागरूकता के लिए होर्डिंग-बैनर
--
नप अधिकारियों ने ये दी रिपोर्ट
- कच्चे-पक्के कर्मचरियों की संख्या 373
- कूड़ा उठाने के लिए वाहनों की संख्या 12 ट्रैक्टर-ट्राली
- दो टैंपू
- एक फोगिंग गाड़ी
- बड़े डस्टबिन -- 50
- छोटे ---- 35
- कर्मचारियों के लिए रेडियम ड्रेस
- कर्मचारियों के लिए दस्ताने
--
सिटी व पीटी टॉयलेट की सफाई के लिए विशेष प्रबंध
रिपोर्ट में कहा गया कि शहर में सिटी टॉयलेट बनाए गए हैं, जबकि चार पीटी टॉयलेट यानि पब्लिक टॉयलेट। इन शौचालयों में सुबह शाम सफाई की जा रही है। साथ ही एक-एक कर्मचारी दो शिफ्टों में तैनात रहता है।
वर्जन::::
शहर में सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया गया था और आगे भी शहर को सुंदर बनाने के लिए प्लानिंग की जा रही है। जल्द ही 10 टैंपों और 50 रिक्शा रेहड़ी खरीदी जाएंगी।
विज्ञापन

- रण सिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद
-----
स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए शहर वासियों और नप सफाई कर्मचारियों को बधाई। अब सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा ताकि सुंदर शहरों में शामिल हो सके।
राजेश महता, सचिव
नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें