अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
किसान पंचायत में हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन समेत कई बड़े अधिकारियों ने किसानों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार का प्रयास है कि किसान को फसल का समर्थन मूल्य जरूर मिले, यदि किसी कारणवश समर्थन मूल्य से कम मिलता है तो उसकी भरपाई सरकार करे। इसके लिए योजना बनाई जा रही है।
यहां कृषि विज्ञान केंद्र में शनिवार को आयोजित किसान पंचायत में कृषि, मत्स्य, मार्केट कमेटी एवं पशुपालन आदि विभागों के अधिकारियों ने किसानों को कृषि से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. रमेश यादव मुख्य अतिथि थे। पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषि प्रकाश शर्मा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ओम सिंह चौहान ने की। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय किसान संघ की जिला इकाई ने किया। हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. यादव ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि किसान को फसल का समर्थन मूल्य जरूर मिले। यदि किसी कारणवश समर्थन मूल्य से कम मिलता है तो उसकी भरपाई सरकार करे। इसके लिए योजना बनाई जा रही है।
पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन श्री शर्मा ने किसानों को ऑर्गेनिक खेती करने के लिए कहा। उन्होंने किसानों से मोटे अनाज के साथ-साथ फूलों, सब्जियों और पशुपालन-मछली पालन को अपनाने की बात भी कही। किसान संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चौहान ने कहा कि किसानों को खेती के साथ साथ फसल को बेचने के लिए मार्केटिंग भी सीखनी होगी। इस मौके पर पशु विज्ञान केंद्र इंचार्ज डॉ. धर्मबीर सिंह, डॉ. विजय सनसनवाल, कार्यकारी अभियंता अमृत सिंह आर्य, बलवान सिंह आर्य, एडवोकेट केंद्रमणि, आनंद कौशिक, राजेंद्र कौशिक, निहाल सिंह, किसान संघ के जिलाध्यक्ष महीपाल सिंह, सह संगठन सचिव सुंदरलाल, दादरी जिलाध्यक्ष जगदीश, विनय रावल आदि मौजूद रहे।
अधिकारियों ने दी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. जय सिंह ने डेरी, दूध प्रतियोगिता और पशुओं में होने वाली मुंह या खुर की बीमारी, गलघोंटू के टीकाकरण के बारे में बताया। जिला मत्स्य अधिकारी जयगोपाल वर्मा ने बताया कि सरकार मछली पालन के लिए 50 लाख रुपये की यूनिट पर साढ़े 12 लाख रुपये का अनुदान देती है। एक एकड़ से सालाना आठ से दस लाख रुपये की पैदावार ली जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ संयोजक डॉ. अतर सिंह ने बताया कि विज्ञान केंद्र ने चने का ऐसा बीज तैयार किया है, जिससे एक एकड़ में 32 मन की पैदावार ली जा सकती है। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल ने फसल बीमा योजना के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विस्तार से प्रकाश डाला। मार्केट कमेटी से सचिव अमित रोहिल्ला ने कृषि कार्य के दौरान किसान की मौत होने और अंग भंग होने पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि ऐसा होने पर मार्केट कमेटी में 60 दिन की अवधि के अंदर दस्तावेज जमा कराने जरूरी हैं। लीड बैंक मैनेजर कुलजीत सिंह ने किसानों को प्रदान की जाने वाली ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी दी।