बीबीसी अकादमी में खेल अभ्यास करते खिलाड़ी।
भिवानी। विश्व पटल पर ओलंपिक और विश्वस्तरीय खेल स्पर्धाओं में पदकों की धमक दिखाने के बावजूद महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र खेल विश्वविद्यालय से अछूता रह गया है। इस इलाके में 22 अर्जुन अवाॅर्डी, 12 भीम अवाॅर्ड और चार द्रोणाचार्य अवाॅर्ड देकर विश्व स्तर पर भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं, महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र की 473 ग्राम पंचायतों ने भी प्रस्ताव पास कर राष्ट्रपति और केंद्रीय खेल मंत्री को भी खेल विश्वविद्यालय स्थापना का अनुरोध भेजा, मगर इलाके की मांग अनसुनी हो गई।
महेंद्रगढ़-भिवानी क्षेत्र में करीब दो हजार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मुक्केबाजी, कुश्ती, एथलेटिक्स, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों में विश्व स्तर पर पदक जीत चुके हैं। विश्व महिला मुक्केबाजी में गांव धनाना की बेटी नीतू घनघस ने गोल्ड जीता था। खुद सूबे के मुख्यमंत्री रहे मनोहरलाल ने उसके गांव में खेल स्टेडियम निर्माण की पेशकश की थी, मगर आज तक उसके गांव में खेल स्टेडियम नहीं बना, जबकि धनाना गांव की पंचायत ने आठ एकड़ भूमि भी स्टेडियम के लिए देने का प्रस्ताव पास कर दिया था। पंचायत विभाग के अधिकारियों ने इस गांव में खेल स्टेडियम के मसौदे पर नॉन फिजिबल की रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी। संवाद
474 ग्राम पंचायतों ने मांगी थी खेल यूनिवर्सिटी, सभी राजनीतिक दलों ने साधी चुप्पी
खेल विश्वविद्यालय इस लोकसभा क्षेत्र के लिए बड़ा चुनावी मुद्दा होने के बावजूद सभी राजनीतिक दलों ने इस पर चुप्पी साध ली है। विश्व स्तर के मुक्केबाज देने वाली भिवानी बॉक्सिंग क्लब के चेयरमैन कमल सिंह प्रधान ने बताया कि इस इलाके की 474 ग्राम पंचायतों के पारित किए गए प्रस्ताव और असंख्य खिलाड़ियों के हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र को केंद्रीय खेल मंत्री और राष्ट्रपति तक को सौंपा गया। महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र के सांसद को व्यक्तिगत रूप से ये मांग सौंपी गई और जरूरत भी समझाई गई। खेल जगत में भिवानी को यहां के खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर मिनी क्यूबा नाम दिला दिया, मगर भिवानी-महेंद्रगढ़ को खेल विश्वविद्यालय तक नहीं मिला।
मैं पिछले काफी सालों से इस दिशा में अथक प्रयासों में लगा हूं। केंद्रीय मंत्रालय से महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र में 72 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर हो चुका है। हालांकि अब तक केवल नौ करोड़ रुपये ही खेल के लिए बजट मिला है, जिस पर कार्याें के टेंडर भी हो चुके हैं। लोकसभा क्षेत्र में खेल विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज दोनों के लिए मैं प्रयासरत हूं।
- चौधरी धर्मबीर सिंह, भाजपा प्रत्याशी, महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा संसदीय क्षेत्र।
कांग्रेस सरकार ने खेलों और खिलाड़ियों के लिए बेहतर नीति बनाई थी। इसमें मेडल लाने पर खिलाड़ियों को सीधे डीएसपी भी लगाया गया। हमारी पार्टी हमेशा से ही खिलाड़ियों की मांग व मुद्दों पर बेहतर ढंग से काम करती रही है। मुझे इस इलाके से संसद में जाने का मौका मिला तो महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा क्षेत्र के लिए खेल विश्वविद्यालय बनवाकर ही दम लूंगा।
- राव दान सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा संसदीय क्षेत्र।