अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी/तोशाम। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को पूर्व सैनिकों ने जरूरी बताया। कार्रवाई के बाद पूर्व सैनिक बेहद खुश नजर आए। उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो हम अब भी देश सेवा के लिए तैयार हैं।
पुलवामा हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद ऐसा जवाब पाकिस्तान को देना जरूरी था और भारतीय वायु सेना ने शानदार जवाब दिया है। भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों पर अटैक किया है, ऐसे में पाकिस्तान के पास जवाब देने को नहीं बचा। फिर भी हमें अलर्ट होना चाहिए। अगर पाकिस्तान जवाब देता है तो पूरे विश्व के सामने साबित हो जाएगा कि वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, आतंकियों की शरण स्थली है।
अनूप तंवर, कैप्टन
पाकिस्तान पर जवाबी हमले से पूर्व सैनिक होने के नाते मेरा सीना फक्र से चौड़ा हो गया। क्योंकि मैं जानता हूं कि ये ऑपरेशन इतना सरल नहीं था जिसे इतनी खूबसूरती और बहादुरी के साथ पूरा किया गया।
निहाल सिंह, पूर्व सैनिक सुबेदार
पुलवामा हमले के बाद देश गुस्से में था। पाकिस्तान को जवाब दिया जाना जरूरी था। पाकिस्तान आतंकियों का अड्डा है। इसलिए सबक जरूरी था। मेरा बेटा इस समय एलओसी के पास अखनूर में ही तैनात हैं। दुश्मन के इलाके में भारतीय हमले से भूतपूर्व सैनिक इतने जोश से भरे हैं कि वे जरूरत पडने पर फिर से सेना में शामिल होकर युद्ध करने को तैयार हैं।
पिरथी सिंह, पूर्व सैनिक
वायुसेना के एयर स्ट्राइक की मिसाल युद्ध के इतिहास में बेमिसाल है। पूर्व सैनिक हमेशा सेना की मदद को तैयार हैं। हम देश के लिए लड़ने को तैयार हैं। पाकिस्तान को आज जवाब देना जरूरी था ताकि वह और आतंकवादी संगठन भविष्य में भारतीयों पर हमला करने से पहले कई बार सोचे।
दलबीर पंघाल, पूर्व सैनिक
ऐसा जवाब आज जरूरी था
पुलवामा हमले के बाद ऐसा ही जवाब होना चाहिए था। वायुसेना की कार्रवाई से देश का मनोबल बढा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को जवाब देने के लिए पूर्व सैनिक भी एलओसी पर जाने को तैयार हैं।
सरजीत नेहरा, पूर्व सैनिक