भिवानी। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। रविवार को महज एक कंडक्टर और सात ड्राइवर ही ड्यूटी पर पहुंचे। दिनभर में रोडवेज की 11 बसें चली। जिनमें चार का स्टेयरिंग पुलिस कर्मचारियों ने संभाला। महज एक कंडक्टर होने पर एसडीएम कार्यालय के कुछ कर्मचारियों, सक्षम युवाओं और रोडवेज के क्लर्कों ने कंडक्टर का बैग उठाकर टिकटें काटी। रविवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारी अपनी पत्नी और बच्चों क साथ सड़क पर उतरे। शहर में रोष प्रदर्शन के बाद सांसद धर्मबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं हुई तो विभिन्न कर्मचारी संगठन भी हड़ताल में शामिल होंगे।
720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को छठे दिन में प्रवेश कर गई। रोडवेज बसों की संख्या दिन पर दिन घट रही है। रविवार को महज 11 बसे ही चली। मात्र एक कंडक्टर और सात ड्राइवर ड्यूटी पर पहुंचे। स्टाफ की कमी के चलते लगातार तीसरे दिन पुलिस कर्मचारियों ने रोडवेज बसें दौड़ाई। चार बसों पर पुलिस कर्मी चालक रहे। कंडक्टर की जिम्मेवारी सक्षम युवाओं ने संभाली।
बस आते ही उमड़ी यात्रियों की भीड़
हड़ताल से यात्री बहुत परेशान है। परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन से चार घंटे इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिल रही। प्राइवेट बस आने पर भी यात्रियों की भीड़ उस पर उमड़ पड़ती। ये सिलसिला दिनभर चलता रहा।
प्रदर्शन कर सांसद को सौंपा ज्ञापन
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारी नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। रविवार को कर्मचारियों के संग उनके बच्चे, पत्नियां और परिवार के अन्य सदस्य भी रहे। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के कर्मचारी भी जुलूस के रूप में नेहरू पार्क पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि काफी महंगे दामों पर ये प्राइवेट बसें किराए पर ली जा रही है। गुप्त सूत्रों से पता लगा है कि कुछ राजनेताओं की ही मिलीभगत से इन बसों के ठेके दिए गए हैं। यहां रोष सभा करने के बाद सभी कर्मचारी जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड, महम गेट, बड़ चौक होते हुए सांसद आवास पर पहुंचे। यहां सांसद धर्मबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। सांसद धर्मबीर सिंह ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वे इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे।
म्हारी बात नहीं राखी तो गाम मै नहीं घुसन द्यांगे
सांसद आवास का घेराव करने के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जै सांसद, विधायक ने म्हारी बात नहीं राखी तो बोट तो हाम देवाए कोनी, गामा मै भी कोनी घुसण दयांगे। साथ ही कुछ कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सांसद धर्मबीर कदे घाटे का सौदा नहीं करया करै। इसनै म्हारे बोट चाहिए तो म्हारी बात ऊपर पुचानी पड़ैगी। सांसद बहौत स्याणा मानस है। कदे विपक्ष में कोनी बैठया। इसनै म्हारा साथ देना पड़ैगा।