अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों का स्टेटस रिपोर्ट शिक्षा विभाग से मांगे जाने के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बगैर मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों को सील करने का काम शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग के इस निर्णय के विरोध में अब प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने मोर्चा संभालते हुए हाईकोर्ट के फैसले को कोर्ट में चैलेंज करने का मन बनाया है। इसी को लेकर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा व महासचिव राम अवतार शर्मा ने प्रेस कान्फ्रेंस की।
प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की आड़ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गैर मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों को सील किए जाने का विरोध जताया है और कहा कि अब तक प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन इस मामले में पार्टी नहीं थी। अगले दो दिनों में प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन इस मामले में एक पक्ष बनकर गैर मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों की सीलिंग को लेकर हाईकोर्ट से स्टे लेने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि पिछली हुड्डा सरकार ने 8200 के लगभग बगैर मान्यता के स्कूल चल रहे थे। अधिकतर स्कूलों के मान्यता लेने के बाद अब प्रदेश में 3200 के लगभग स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे हैं जबकि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने 12 जुलाई तक बगैर मान्यता के चल रहे प्राइवेट स्कूलों का स्टेटस कोर्ट के सामने रखने को कहा है। इसी के चलते भिवानी प्रशासन ने 10 के लगभग स्कूलों को सील कर दिया है।
ऐसे में प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियेां पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के किसी भी अन्य जिले में गैर मान्यता के चल प्राइवेट स्कूलों की सीलिंग नहीं की गई, जबकि भिवानी जिले के शिक्षा अधिकारी जिले के 70 स्कूलों को सील करने पर आमादा है। एसोसिएशन सदस्यों ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार से बातचीत करके एसोसिएशन ने स्कूलों की मान्यता को लेकर तारीख 20 जुलाई तक बढ़वा ली है, ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के हितों को देखते हुए मान्यता लेने की फाइल पर अंतिम फैसला आने पर स्कूलों की सीलिंग का कार्य नहीं किया जाना चाहिए। इस मौके पर घनश्याम शर्मा, आकाश रहेजा, अमित डागर, करण मिर्ग, पवन गोयल, यतिंद्रनाथ, राजबाला आदि मौजूद रहे।