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कैश नहीं मिलने पर बिफरे आढ़ती, बैंक का शटर बंद कर किया प्रदर्शन

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कैश नहीं मिलने पर बिफरे आढ़ती, बैंक का शटर बंद कर किया प्रदर्शन
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भिवानी। अनाज मंडी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पखवाड़ेभर से कैश की किल्लत की वजह से आढ़ती व व्यापारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कैश की किल्लत से तंग आकर आखिरकार आढ़ती-व्यापारियों का धैर्य शुक्रवार को जवाब दे गया और बैंक के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। आढ़तियों का कहना है कि किसानों की फसल का 32 करोड़ रुपये उनके खाते में आ चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक केवल पांच करोड़ रुपया मिल पाया है।
नगद राशि न मिलने पर परेशान किसान व आढ़ती शुक्रवार सुबह दस बजे बैंक के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। नाराज आढ़तियों ने बैंक का शटर बंद कर बैंक के सामने धरने पर बैठ गए। दो घंटे के बवाल के बाद बैंक कर्मचारियों ने बाहर से पैसा मंगवाकर तीन-तीन लाख रुपये आढ़तियों को दिए और शेष राशि दोपहर बाद देनी की बात कही। इसके बाद आढ़तियों ने धरना समाप्त कर दिया।
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मंडी प्रधान बजरंग बहलवाला, आढ़ती राजेश बेरलिया, देबूराम, योगेंद्र चौधरी, नंद ढाणी माहू, अशोक, अजीत, महेंद्र, नरेंद्र चौधरी, रामू ठाकर ने बताया कि पिछले 15 दिन से वह कैश के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उनको एक भी पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बैंक मैनेजर व उच्च कर्मचारियों को पहले ही कहा गया था कि मंडी में सभी किसानों को पैसे देने हैं और वह प्रबंध कर लें। लेकिन बैंक मैनेजर पिछले काफी दिनों से छुट्टी पर हैं और हमें रोज चक्कर काटना पड़ रहा है।
बैंक के कर्मचारी भी पहले व्यापारियों को पांच लाख दे रहे थे और धीरे-धीरे एक लाख तक पहुंच गए। शुक्रवार को तो तो एक भी पैसा नहीं दिया। किसान हर रोज उनके साथ बहसबाजी कर वापस लौटते हैं।

नोटिस चस्पाया, एक लाख कैश ही मिलेगा
बैंक ने बाकायदा नोटिस चस्पाया है कि एक लाख रुपये तक कैश लेने वालों को पैसा मिलेगा। इससे ज्यादा राशि बैंक नहीं दे पाएगा। इसके बावजूद शुक्रवार को बैंक कर्मचारी आढ़तियों को एक भी पैसा नहीं दिया।
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किसान लगा रहे आढ़तियों के चक्कर
मंडी में गेहूं बेचने के बाद किसानों को हर रोज मंडी के चक्कर काट रहे हैं। किसान रामकिशन, सुखदेव, चांदीराम, नरेश, फत्तू ने बताया कि हर रोज वह मंडी में आढ़ती से पैसों के लिए आते हैं, लेकिन कभी दो हजार तो कभी पांच हजार रुपये ही मिल रहे हैं। आढ़ती बैंक में पैसों की कमी बता कर वापस लौटा देते हैं।
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नगद के चक्कर में सस्ते दामों में बेच रहे फसल
किसानों को मजबूरन नकदी के चक्कर में कम दामों में फसल बेचनी पड़ रही है। व्यापारी किसानों को नगदी का लालच देकर दो से तीन सौ सभी फसलों का भाव कम कहकर फसल खरीद रहे हैं।
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32 करोड़ की राशि से मिले केवल पांच करोड़
एसबीआई बैंक में नगदी की इस कदर समस्या हो रही है कि आढ़तियों के खाते में 32 करोड़ राशि का भुगतान सरकारी विभाग के द्वारा होने के बाद भी केवल पांच करोड़ की राशि मिल पाई है।
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पिछले पंद्रह दिनों से मंडी में नगदी की भारी समस्या है। किसी भी आढ़ती के पास नगदी राशि नहीं हैं। पहले जो नगदी राशि थी वो किसानों में बांट दी है। बैंक के उच्च अधिकारियों से कई बार बात कर चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। आज धरने के बाद डेढ़ करोड़ की राशि बांटी गई है।
-बजरंग बहलवाल, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान

मंडी में 151 आढ़ती की दुकानें हैं जिसमें से अधिकतम आढ़तियों के खाते मंडी के बैंक में हैं। कई बार बैंक के चक्कर काट चुके हैं, कभी लाख तो कभी कुछ भी नहीं मिला। इस कारण से किसानों के साथ भी नोंक-झोक होती रहती है। शहर के अन्य बैंको में भी नगदी की कमी हैं जिसके कारण पूरी नगदी नहीं मिल पा रही।
अशोक कुमार, आढ़ती

सात दिन पहले 10 लाख और दो दिन पहले उसके खाते में 21 लाख की पेमेंट आई थी। यह पेेमेंट निकलवाने के लिए वह लगातार बैंक का चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक एक पैसा नहीं मिला।
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दीपक शर्मा, आढ़ती

बैंक कर्मचारियों का व्यवहार भी बेहद खराब है, वे सही जानकारी नहीं देते हैं। अगर पैसे लेने जाते हैं तो वापस लौटा देते हैं। आज बैंक गेट पर केवल एक लाख रुपये तक निकासी का बोर्ड चस्पा दिया। लेकिन एक भी पैसा नहीं मिल पाया।
योगेंद्र शर्मा, आढ़ती
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