अशोक भारद्वाज
भिवानी। परिवार पहचान पत्र में (पीपीपी/फैमिली आईडी) में वार्षिक आय कम दिखाने वाले परिवारों की जांच घर-घर जाकर की जाएगी। इस कार्य के लिए विभाग ने सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई है।
सरकार ने फैमिली आईडी धारकों को स्वयं अपनी आय कम करवाकर समर्पण करने के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया था। इसके बाद बचे 212 परिवारों की अब घर-घर जाकर जांच की जाएगी।
पीपीपी बनवाते समय जिन परिवारों ने वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम दिखाई है। सरकार ऐसे परिवारों की आय का सत्यापन कराएगी। इसके लिए जिलास्तर पर गठित की गई सरकारी अध्यापकों की टीम घर-घर जाकर वार्षिक आय की जांच करेगी।
क्रीड विभाग की जांच में जिले में ऐसी 512 संदिग्ध फैमिली आईडी मिली हैं, जो कि पात्र न होते हुए भी आय कम करवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इन लोगों को विभाग ने अपने आप आय सत्यापित करवाने के लिए 20 अप्रैल तक का समय दिया था। इस दौरान जिलेभर से 300 पीपीपी धारकों ने अपनी वास्तविक अधिक आय बताकर समर्पण किया है।
इसके बावजूद बचे 212 परिवारों के पीपीपी की जांच के लिए टीमों को घर-घर भेजा जाएगा। यह टीमें मौके पर पहुंचकर इन परिवारों की फैमिली आईडी की जांच करेगी। जांच के बाद रिपोर्ट बनाकर सरकार के पास जमा करवाई जाएगी।
सत्यापन के माध्यम से सरकार कम आय होने के कारण जानना चाह रही है। इसके बाद इन परिवारों की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से विचार किया जाएगा।
इनसेट
1.80 से कम आय वालों को मिलता है इन योजनाओं का लाभ
पीपीपी में 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को सरकार की ओर से अनेक योजनाओं का लाभ दिया जाता है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, लाडली योजना, कन्यादान योजना, मैरिज शगुन योजना, सरकारी दुकान पर सस्ता राशन वितरण, फैमिली योजना समेत सभी सरकारी योजनाओं में छूट दी जाती है। पीपीपी को नई बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने, बीपीएल, एपीएल, दूसरा राशन कार्ड बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना, बेरोजगारी भत्ता, सक्षम योजना के लिए आवेदन संबंधी डाटा से भी जोड़ा गया है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए कई लोग अपनी वार्षिक आय कम दर्ज करवा लेते हैं। अब इसकी जांच की जा रही है।
सरकार के आदेश पर भी नहीं करवाई आय कम
पात्र न होते हुए भी कम आय दर्ज करवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले परिवारों को 20 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इन परिवारों को संदेश भेजकर खुद अपनी फैमिली आईडी में सही विवरण दर्ज करवाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जिले के 212 परिवारों ने अपनी फैमिली आईडी ठीक नहीं करवाई। सरकार के आदेशों का भी पालन नहीं किया गया। ऐसे में इन परिवारों से गलत तरीके से लिए गए योजनाओं के लाभ की वसूली के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
परिवार में बंटवारा कर दिखा रहे कम आय
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोग एक ही परिवार में बंटवारा दिखाकर कई फैमिली आईडी बनवा लेते है। ये बंटवारा सिर्फ फैमिली आईडी में ही होता है। ऐसे में फैमिली आईडी में कम सदस्य होने पर आय 1.80 रुपये से कम दिखा दी जाती है और फिर सरकार की योजनाओं का लाभ लिया जाता है।
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जिले में 512 परिवारों ने गलत तरीके से कम आय दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया है। सरकार के निर्देशानुसार कुल 512 में से 300 परिवारों ने समर्पण किया है। अब बचे 212 परिवारों के पीपीपी की जांच घर-घर जाकर की जाएगी। इसके लिए सरकार ने सरकारी स्कूलों के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई है। - हेमंत सैनी, जोनल मैनेजर, परिवार पहचान पत्र, भिवानी।
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