भिवानी। जनवरी माह में होने वाले स्वच्छता सर्वे में कम से कम टॉप 100 में जगह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। सबसे पहले जिले को पॉलिथीन मुक्त किया जा रहा है वहीं अगली कड़ी में शहर के कचरे पर फोकस होगा। इसके लिए पॉलिथीन अभियान की तर्ज पर सभी विभागों की टीमें बनाई जाएगी। अगर बाजार में किसी भी दुकान के बाहर कचरा मिला तो उस दुकानदार का चालान किया जाएगा। इसके लिए सभी दुकानदारों को डस्टबिन रखने की हिदायत कई दफा दी जा चुकी है। अब प्रशासन सख्ती करेगा। इसके अलावा शहर की कॉलोनियों और बाजारों में करीब 230 छोटे-बड़े डस्टबिन, लेटरबीन रखे जाएंगे।
शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। शहर के बाजारों, गलियों में कचरे के ढेर लगे हैं। जनवरी माह में देशभर में स्वच्छता सर्वे भी है। इसके लिए नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। अब जिला प्रशासन स्वच्छता सर्वे को लेकर थोड़ा गंभीर नजर आ रहा है। प्रतिदिन विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठके ली जा रही है। डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे टॉप पर नहीं आ सकते तो एक अच्छी रैंकिंग अवश्य हासिल करें। जिसके बाद नप की टीम ने भी कम से कम टॉप 100 शहरों की सूची में शामिल होने के लिए प्लान बनाया है। पिछली दफा भिवानी 238 वें स्थान पर था। स्वच्छता के पहले सर्वे में सबसे गंदे शहरों में भिवानी का नाम था।
नए प्लान के तहत करीब 10 दिन पहले डीसी ने विभिन्न विभागों की 10 टीमें बनाई थी। जिन्हें पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसमें नगर परिषद के अलावा मार्केट कमेटी, तहसीलदार, बीडीपीओ की भी टीमें शामिल थी। इसी तर्ज पर अब कचरे के लिए टीमें बनाई जाएंगी। शनिवार को हुई बैठक में इस पर विचार विमर्श किया गया और फैसला लिया गया कि जिसकी दुकान के बाहर कचरा होगा, उस दुकानदार का चालान किया जाएगा। सभी दुकानदारों को पहले भी काफी दफा समझाया है कि डस्टबिन रखे और कचरा उसी में डाले। मगर अधिकतर दुकानदार सुबह आते ही अपनी दुकान और सामने सफाई कर कचरा सड़क पर फेंक देते है।
खरीदे जाएंगे 230 छोटे-बड़े डस्टबिन
शहर के बाजारों में एक बार फिर से राहगीरों के लिए लेटरबिनऔर डस्टबिन लगाए जाएंगे। इनमें राहगीर आते-जाते गंदगी इधर-उधर फेंकने की बजाए इनमें डाले। करीब 100 लेटरबीन डस्टबिन लगाने का प्लान है। इन्हे खरीदने के लिए टेंडर हो गया है और आगामी एक सप्ताह से 10 दिन में डस्टबिन आ जाएंगे। 70 बड़े और करीब 50 छोटे डस्टबिन खरीदे जा रहे है।
गीले कचरे से बनेगी खाद
जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता सर्वे के मद्देनजर तैयारी शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह शहर वासियों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने की हिदायत दी गई थी। अलग-अलग कचरा नहीं होने की सूरत में कचरा गाड़ी में नहीं डालने दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में कोई गली में कचरा फेंकता है तो उसका चालान कर जुर्माना किया जाएगा। अब गीले कचरे से खाद बनाने के लिए सेक्टर 13 और 23 के बीच खाद पीट तैयार किए जा रहे है। इसके बाद शहर के कुछ पार्कों में भी खाद पीट तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से शहर में एक सौ सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता संदेश लिखवाए जा रहे है। इसी कड़ी में आधे शहर की सफाई का टेंडर भी दिया गया है।
शहर को स्वच्छता सर्वे से पहले बिल्कुल साफ-सुथरा बनाया जाएगा। प्रयास रहेगा कि हमारी रैंकिंग में पहले से बहुत ज्यादा सुधार हो। इसी के तहत पॉलिथीन मुक्त अभियान चल रहा है। दुकानदारों से अपने यहां डस्टबिन रखने की अपील कई दफा की जा चुकी है। अब सख्ती बरती जाएगी।
राजेश महता, सचिव
नगर परिषद