अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। लगभग सभी वार्डों की अनेक कॉलोनियों में पेयजल संकट गहरा गया है। पेयजल संकट से परेशान कॉलोनी वासी सांसद, विधायक, पार्षदों के साथ-साथ अधिकारियों के कार्यालयों में रोष जता रहे हैं। अब नई समस्या टैंकरों से सप्लाई नहीं होने की खड़ी हो गई है। जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने पेमेंट नहीं होने पर टैंकरों से सप्लाई करने से इंकार कर दिया है। ऐसे जिन कॉलोनियों में पहले टैंकरों से सप्लाई की जा रही थी, अब वहां पानी पहुंचने की संभावनाएं और कम हो गई है। पार्षदों ने भी जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और प्रदर्शन के साथ धरने की चेतावनी दी है।
पहले पेमेंट, उसके बाद होगी टैंकरों से सप्लाई
शहर पहले ही पेयजल संकट से जूझ रहा है, अब टैंकरों से सप्लाई भी बंद हो गई है। दरअसल जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के जिन क्षेत्रों में सप्लाई से पानी नहीं पहुंच रहा वहां टैंकरों से सप्लाई की जाती है। अब पेमेंट नहीं मिलने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग के ठेकेदारों ने टैंकरों से पेयजल सप्लाई करनेे से भी इंकार कर दिया है। ठेकेदारों का कहना है कि बिना पेमेंट वे कैसे कारिंदों से काम लें। कैसे तेल आदि का खर्च उठाएं। पेमेंट के बाद ही टैंकरों से पेयजल सप्लाई की जाएगी।
विधायक जी, चार दिन से पानी नहीं आ रहा, अधिकारियों पर कार्रवाई करो
चार दिन से पानी नहीं आने से परेशान भारत नगर और पिपली वाली जोहड़ी क्षेत्र की महिलाएं विधायक आवास पर पहुंचीं। वहां विधायक की अनुपस्थिति में अन्य से मुलाकात की और कहा कि विधायक ने पिछले सप्ताह निर्देश दिए थे कि पेयजल सप्लाई नहीं होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं ने बताया कि चार दिन से उनके क्षेत्र में पेयजल सप्लाई नहीं आई है। ऐसे में विधायक जी पानी दिलाओ और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करों। विधायक की गैर मौजूदगी में मौजूद अन्य ने महिलाओं को बताया कि जल्द ही अधिकारियों से बातचीत कर पेयजल सप्लाई सुचारु करवाई जाएगी। पिपली वाली जोहड़ी वाली महिला पिंकी, गिन्नी, संदीप और पारस आदि ने बताया कि पेयजल सप्लाई नहीं होने से उन्हें बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी ढोना पड़ रहा है।
यहां भी जल संकट
सेक्टर 13 के विकर सेक्शन में भी काफी आबादी बसती है। हुडा प्रशासन भी पेयजल संकट के चलते एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल सप्लाई कर रहा है। ऐसे में विकर सेक्शन में पेयजल सप्लाई नहीं हो रही। यह क्षेत्र टेल पर है। विकर सेक्शन वासियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से पेयजल सप्लाई प्रभावित है और उन्हें आसपास के क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों से पानी ढोना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल बिचला बाजार क्षेत्र का है। यहां भी महिलाएं रोष प्रदर्शन कर पानी की मांग कर चुकी है।
जल संकट पर लामबंद हुए पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों के समर्थन में पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने कहा कि सभी वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ है और लोग विभाग कार्यालय, सांसद या विधायक की बजाए पार्षदों को पकड़ रहे है। इसी कारण अब संघर्ष का ऐलान किया है। पार्षदों ने पब्लिक हेल्थ विभाग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जल्द पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो एसई कार्यालय में महिलाओं द्वारा मटका फोड़ प्रदर्शन किया जाएगा और धरना दिया जाएगा। नगर परिषद उपाध्यक्ष मामनचंद ने कहा कि गर्मियों की शुरूआत में ही पूरा शहर पानी के लिए तरस रहा हैं। शहर के सभी 31 वार्डों में पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई हैं। मामनचंद ने कहा कि तीन माह पहले भी पब्लिक हेल्थ कार्यालय में पार्षदों ने ढोल बजाकर अधिकारियों को नींद से जगाने का प्रयास किया था। लेकिन इसके बावजूद भी पब्लिक हेल्थ विभाग ने ना तो दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या का कोई समाधान किया और ना ही पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए कोई कदम उठाए। दो दिन पहले ही फोन कर पब्लिक हैल्थ विभाग के अधिकारियों को वार्ड 25 व 26 की पेयजल समस्या से अवगत कराया था। मगर अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है। वार्ड 25 के पार्षद नरेंद्र सर्राफ ने कहा कि शहर में पेयजल संकट पैदा होना अधिकारियों की खामी को दर्शाता है।
इन वार्डों में ज्यादा पेय जल संकट
शहर के वार्ड नंबर नौ, 14, 15, 23, 25, 26 व 30 की अनेक कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। हालात ये है कि पिछले सप्ताहभर में इनमें से अधिकतर कॉलोनियों में एक या दो बार ही पेय जलापूर्ति हुई है। इसमें भी टेल पर लगने वाले घरों तक पानी बिल्कुल नहीं पहुंच पाता।
ये पार्षद हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ लामबंद
नगर परिषद के उपाध्यक्ष मामनचंद के नेतृत्व में शहर के वार्ड नंबर 25 के नागरिकों के साथ साथ वार्ड नंबर 26 से पार्षद नरेंद्र सर्राफ, वार्ड नंबर 30 से संदीप भारद्वाज, वार्ड नंबर 15 से पवन सैनी, वार्ड नंबर 23 से पार्षद राजकुमार, वार्ड नंबर 14 से पार्षद दलबीर छोटू, वार्ड नंबर नौ से पार्षद मांगेराम शर्मा आदि भी पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ शहरी जल आंदोलन को लेकर लामबंद हो गए हैं।