अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। बेशक सरकार या पुलिस नारी सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें कर रही हो, लेकिन अपने पति के कातिलों को गिरफ्तार करवाने की फरियाद लेकर अपने दो मासूम बच्चों व बूढ़ी सास के साथ आई महिला को पुलिस ने सीएम से मिलने तक भी नहीं दिया। महिला को आश्वासन देना तो दूर की बात उसे किसी पुलिस अधिकारी तक से नहीं मिलवाया। पीड़ित महिला आंसु बहाते हुए निराश होकर वहां से लौट गई।
हुडा पार्क ग्राउंड में आयोजित रविदास जयंती समारोह में आए मुख्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलने के लिए भिवानी के सेक्टर-13 निवासी सुदेश अपने दो मासूम बच्चों सात साल के सचिन, तीन साल की अंजू व बूढ़ी सास संतोष के साथ आकर सुबह दस बजे ही ठीक प्रेस गैलरी के पीछे आकर बैठ गई। उसने वहां तैनात सिपाही से पुलिस अधिकारियों तक से सीएम से एक बार मिलवाने की फरियाद की, लेकिन उसकी बात सुनना तो दूर की बात एक कदम मंच की तरफ तक नहीं रखने दिया। महिला का कहना था कि उसके पति वीरेंद्र सिंह रोहतक में कोचिंग सेंटर चलाते थे। 14 नवंबर 2017 को रोहतक में उसके पति को कोचिंग सेंटर के अंदर ही पांच गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। रोहतक के सिविल लाइन पुलिस थाने में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन हत्यारे आज तक गिरफ्तार नहीं किए गए, जबकि वह आज भी उसे व उसके बच्चों को मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित महिला ने पति के हत्यारों को गिरफ्तार कर न्याय दिलाने के लिए वहां खड़े अधिकारियों से लेकर मंत्री तक से मुलाकात करनी चाहिए, लेकिन पुलिस ने मिलने तक नहीं दिया। पीड़ित महिला ने कहा कि सरकार व पुलिस महिलाओं को न्याय दिलाने का झूठा राग अलाप रही है। सीएम से मुलाकात ना होने पर पीड़ित महिला वहां रोते हुए निराश होकर लौट गई, लेकिन किसी ने उस पर कोई रहम नहीं किया।
फोटो : 10 व 11ए