अनाप-शनाप बिजली बिल देख उपभोक्ताओं के छूटे पसीने
तोशाम। उपभोक्ताओं के लिए बिजली के बिल आफत बने हुए हैं। मनमर्जी से बिल भेजे जा रहे हैं। बिना रीडिंग लिए बिलों को अनाश-शनाप भेजा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं के घर एक लाख से ज्यादा के बिल झटके दे रहे हैं। उपभोक्ताओं को ऐसे में निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम कर्मचारियों के रवैये से परेशान उपभोक्ता सीएम विंडो पर भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वार्ड 15 निवासी संदीप जांगड़ा ने बताया कि उसके घर का बिजली का कनेक्शन ताऊ मानसिंह के नाम से है। बीते कई माह से बिल में खामियां आ रही हैं। रीडिंग के मुताबिक नहीं भेजा जा रहा है। बिल कभी कम आता है तो कभी पिछले महीने का जोड़कर भेजा जाता है। निगम के चक्कर काटने के बाद बिल में अमाउंट ठीक कर दिया जाता है, लेकिन कंप्यूटर में त्रुटि ज्यों की त्यों रहती है। इस कारण हर माह परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि अब दो रोज पहले निगम ने जो बिल भेजा है उसमें ओल्ड रीडिंग कुछ नहीं दर्शा रखी। नई रीडिंग मीटर के हिसाब से नहीं भेजा गया है। उन्होंने बताया कि उसका दो माह का बिल एक लाख 15 हजार से ज्यादा आया हुआ। बिल का अमाउंट देखकर परिजन सकते में हैं।
ऐसा ही एक मामला अजीत का भी सामने आया है। अजीत ने बताया कि पत्नी के नाम मीटर है। उपभोक्ता अजीत कुमार ने बताया कि उनके घर का बिजली का बिल रीडिंग के अनुरूप नहीं आ रहा है। कई माह से परेशान हैं। हालांकि निगम से जांच की मांग की चुकी है, लेकिन उनकी समस्या को दूर नहीं किया जा रहा है। हर माह बिल देखकर पसीने छूट रहे हैं। अब सीएम विंडो में शिकायत करने की तैयारी है।
बताया जाता है करीबन तीन माह से किसी कंपनी को मीटर रींडिंग का ठेका दिया गया है। जिसके बाद से यह समस्या ज्यादा बन रही है। इससे पहले पूर्व सैनिक मीटर रीडिंग लेने का कार्य करते थे। इस संबंध में एसडीओ राकेश कुमार ने बताया कि मीटर रीडिंग के लिए पिछले दिनों कंपनी बदली गई थी। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। जल्द ही समाधान होगा।