खेल को अपनी पहचान बनाने की तैयारी में जुटे खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 10 की जगह अब 20 खेल नर्सरी स्थापित की जाएगी। इनमें 10 खेल नर्सरियों में जहां लड़कियां प्रशिक्षण लेकर आगे बढ़ेंगी। वहीं 10 खेल नर्सरियां में पुरुष खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिले के निजी स्कूलों व शिक्षण संस्थाओं में खेल नर्सरियां बनेगी। खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ आवेदन करने की अंतिम तिथि भी आगे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। पहले खेल नर्सरी बनाने के इच्छुक शिक्षण संस्थान में 10
अगस्त तक आवेदन किए जा सकते थे।
गौरतलब है कि सरकार ने एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, आर्चरी, तैराकी, खो-खो, कुश्ती आदि खेलों में खिलाडिय़ों को निखारने के लिए प्रदेश के सरकारी व गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में स्वर्ण जयंती खेल नर्सरी स्थापित करने का निर्णय लिया गया। खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से इन खेल नर्सरियों में 15000 रुपये प्रति माह अनुबंध तौर पर सभी खेलों के लिए कोच नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही 1.20 लाख रुपये की ग्रांट से खेल का सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विभाग निदेशक जगदीप सिंह के निर्देशानुसार स्वर्ण जयंती खेल नर्सरी स्थापित करने के इच्छुक शिक्षण संस्थाओं में सेकेंडरी स्तर की शिक्षण सुविधा व खेल मैदान होना अनिवार्य है। शर्तों को पूरा करने वाले शिक्षण संस्थान जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग कार्यालय में निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन कर सकते है।
स्पीड टेस्ट का इम्तिहान पास करना करनी जरूरी
खेल नर्सरी में दाखिला पाने के लिए खिलाड़ियों को जिला स्तर पर स्पीड टेस्ट पास करना होगा। खेल नर्सरी में एडमिशन पाने वाले खिलाड़ियों को महीने में कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण के लिए मैदान पर उपस्थित होना होगा। साथ ही अनुशासन बनाए रखने व नशा, गैर सामाजिक गतिविधियों से दूर रहना होगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाडिय़ों को विभाग खाने का भत्ता व छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। पहले आयुवर्ग 8 से 14 के प्रशिक्षणार्थियों को 1500 रुपये तो 15 से 19 वर्ष के वर्ग में 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी पाएंगे एडमिशन
जिले में स्थापित की जाने वाली प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को एडमिशन दिया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों की पढ़ाई का जिम्मा खेल नर्सरी वाले शिक्षण संस्थान का होगा। खिलाड़ी को उसकी पसंद के एक खेल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिले के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक खिलाड़ियों को तराशने का काम करेंगे।
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