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रोडवेज में बनी अव्यवस्था का फायदा उठाने वाले प्राइवेट बस चालक की बस इंपाउंड

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भिवानी। ओवर टाइम समाप्त कर नया प्लान लागू करने करने के बाद बनी अव्यवस्था यात्रियों पर भारी पड़ रही है। बसों की सटीक जानकारी नहीं होने से कई यात्री बस स्टैंड पर आने वाली बसों के पीछे भागते रहे। सोमवार व मंगलवार की तुलना में विभाग कुछ व्यवस्था बनाने में कामयाब रहा। हालांकि एडवांस बुकिंग नहीं होना अभी भी परेशानी भरा बना रहा। कुछ लोग बसों की जानकारी नहीं मिलने पर अनाउंसमेंट करने वाले कर्मचारी से भी उलझते दिखे। वहीं बिना रूट के चलने वाली प्राइवेट रोडवेज बसों पर रोडवेज प्रबंधन ने सख्ती की। झज्जर से आई एक प्राइवेट बस का चालान करते हुए इंपाउंड कर दिया गया।
राज्य परिवहन निदेशक ने रोडवेज कर्मचारियों का ओवरटाइम खत्म कर प्रति सप्ताह 48 घंटे ही ड्यूटी कराने के निर्देश रोडवेज महाप्रबंधक को दिए हैं। पहले दिन आठ घंटे काम लेने के प्लान के तहत लंबे रूट की बसों का रूट कम किया गया। चंडीगढ़ जाने वाली बसें करनाल और कैथल से ही वापस लौटी तो मथुरा जाने वाले दिल्ली से, अजमेर जाने वाले बस जयपुर से ही वापस लौटी। जिसका विरोध हुआ और यात्रियों, कर्मचारियों में झगड़े हुए। जिसके बाद परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने प्रतिदिन के आठ घंटे की बजाए सप्ताह में 48 घंटे कार्य लेने का प्लान बनाया। इसके तहत लंबे रूट पर चलने वाले चालक-परिचालक से एक दिन कार्य, एक दिन अवकाश का फार्मूला तैयार किया गया।
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बुधवार को इस नए फार्मूला के तहत ही बसें चलाई गई। मगर समस्या बुधवार को भी रही। जींद, दादरी, लोहारू आदि विभिन्न स्टेशनों से आने वाली बस कम ही पहुंची। जिस कारण यात्रियों को परेशानी हुई। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे के बाद समस्या और बढ़ गई । ऐसे में प्राइवेट बसें ही यात्रियों का सहारा बनी। मगर उनमें चालक परिचालक स्पष्ट निर्देश दे रहे थे कि कोई पास नहीं चलेगा, कोई कार्ड नहीं चलेगा। पूरा किराया लगेगा। वहीं हड़ताल के बीच बिना रूट के ही प्राइवेट बसे दौड़ाने वालों पर प्रबंधन बुधवार को सख्त दिखा। झज्जर से बस स्टैंड पर पहुंची एक प्राइवेट बस को आरटीओ ने रुकवाया और चालान कर इंपाउंड किया गया।
आज हो सकती है समस्या
बुधवार को जो लंबे रूट पर चालक थे, बृहस्पतिवार को वे अवकाश पर रहेंगे और उनकी जगह दूसरे चालक-परिचालक को भेजा जाएगा। ऐसे में चालक-परिचालकों की कमी हो सकती है। प्रबंधन दिनभर उसी के लिए बैठके कर प्लानिंग बनाता रहा। प्रबंधन का दावा है कि बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है और यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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नई व्यवस्था बनाने पर एक-दो दिन समस्या होती है। हमने अपने सभी कंडक्टर-ड्राइवर जो अन्य ड्यूटी दे रहे थे बसों पर लगा दिए है। जल्द ही बेहतर व्यवस्था होगी। ताकि यात्रियों को कोई समस्या ना रहे। एक प्राइवेट बस झज्जर से आई थी। जिसका आरटीओ ने चालान कर इंपाउंड किया है।
भरत सिंह, यातायात प्रबंधक
भिवानी रोडवेज डिपो
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