भिवानी। हड़ताल के कारण रोडवेज ट्रेनिंग वर्कशाप पर 35 दिन की ट्रेनिंग के बाद मिलने वाले हैवी लाइसेंस में सिर्फ खाना पूर्ति हो रही है। ट्रेनरों के हड़ताल पर जाने के कारण ट्रेनिंग के लिए आने वाले अभ्यर्थी वर्कशॉप पर लगी बायोमैट्रिक हाजिर मशीन में हाजिर लगाकर चलते बन रहे हैं। जबकि ट्रेनिंग में यदि अभ्यर्थी एक दिन भी गैर हाजिर हो जाए तो उस पर 1740 रुपये जुर्माना लगाया जाता है और एक सप्ताह की अतिरिक्त ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। लेकिन पिछले 10 दिन से 140 युवा रोडवेज वर्कशॉप में बने ट्रेनिंग स्कूल आते हैं और हाजिरी लगाकर लौट जाते है। वहीं स्कूल इंचार्ज का कहना है कि ट्रेनर हड़ताल पर है। हड़ताल खत्म होने पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
हैवी लाइसेंस बनवाने के लिए अभ्यर्थियों को 35 दिन की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है। रोडवेज ट्रेनिंग वर्कशॉप में नौ ट्रेनर है। 140 युवा ट्रेनिंग ले रहा है। ये ट्रेनिंग 12 अक्तूबर से शुरू हुई थी। 15 तक तो ट्रेनिंग चली, लेकिन इसी बीच रोडवेज कर्मचारियों की 720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में हड़ताल शुरू हो गई। इस हड़ताल के कारण ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग भी लटक गई। पिछले नौ दिनों से ट्रेनिंग के लिए चयनित युवा ट्रेनिंग स्कूल पहुंच रहे है और हाजिरी लगाकर वापस घर लौट रहे है।
अब हाजिरी भी बंद, हड़ताल के बाद आना
वीरवार को युवा ट्रेनिंग के लिए पहुंचे तो वर्कशॉप गेट पर मौजूद कर्मचारी ने रोक दिया और कहा कि हड़ताल के बाद आना। अब बायोमैट्रिक से हाजिरी भी नहीं लगेगी। युवाओं को निराश ही लौटना पड़ा।
150 किलोमीटर से आए अब ना हाजिरी ना ट्रेनिंग
ट्रेनिंग ले रहे युवाओं, अभिषेक, राहुल, संजय आदि ने बताया कि अधिकतर ट्रेनिंग ले रहे अभ्यर्थी लोहारू, बहल आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से है। जो करीब एक सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर का सफर तय करके ट्रेनिंग के लिए आ रहे है। या ना तो ट्रेनिंग हो रही है और अब हाजिरी भी बंद कर दी है।
हाजिरी लगने से दिन तो कम हो रहे थे
अब तक बायोमैट्रिक से हाजिरी लग रही थी तो ट्रेनिंग के 35 दिनों में तो कमी आ रही थी। ट्रेनिंग लेने वाले अधिकतर लोग कहीं ना कहीं प्राइवेट नौकरी करते है और अब किसी तरह छुट्टी लेकर ट्रेनिंग कर रहे थे। अब आगे छुट्टियां कौन देगा और ये भी नहीं पता कि हड़ताल कब खत्म होगी।
ट्रेनिंग स्कूल को कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बंद किया है। हड़ताल के बाद इस बैच के अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरे 35 दिन की रहेगी। हड़ताल के कारण थोड़ी व्यवस्था बिगड़ी। पिछले दिनों हालांकि थ्योरी वर्क करवाया है। हड़ताल खत्म होने पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग होगी।
रविश हुड्डा, वर्कशॉप मैनेजर भिवानी