अमर उजाला ब्यूरो
बहल। बारिश की कमी और बीमारी से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने गोपालवास चबूतरे पर पंचायत की। पंचायत में किसानों ने कहा कि क्षेत्र के दर्जनभर गांवों में खरीफ फसल पूरी तरह से खराब हो गई है और किसान के पास अब आजीविका चलाने का कोई सहारा नहीं बचा है। ऐसे में सरकार प्रभावित फसलों की गिरदावरी कर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से शीघ्र मुआवजा वितरित करें।
शुक्रवार को गोपालवास बस स्टैंड के चबूतरे पर आयोजित पंचायत में गोपालवास, सिधनवा, हरियावास, मंढोली कलां, कासनी कलां व खुर्द, गोकलपुरा, सुरपुरा कलां व खुर्द, चैहड़ कलां व खुर्द सहित करीब 28 गांवों के लोगों ने भाग लिया। पंचायत में जिला प्रधान मेवासिंह आर्य ने कहा कि खरीफ फसल में कपास, ग्वार, मूंग की फसल से पैदावार की उमीद नहीं रही है। पहले बारिश की कमी और बाद में फसल में लगे रोग से फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। न तो पौधे की बढवार हो सकी है और न हीं फलियां लगी। ऐसे में उत्पादन की संभवाना क्षीण हो गई है।
खरीफ फसल से बड़ी उम्मीद लेकर किसानों ने फसल के लिए महंगे खाद, बीज एवं दवाइयां खरीद कर अनापशनाप खर्च किया था। लेकिन अब पैदावार नहीं होने की उम्मीद से किसान की हालत दयनीय बन गई है। ऐसे में सरकार प्रभावित फसलों की गिरदावरी करवाए अन्यथा किसान 27 सितंबर को डीसी कार्यालय पर धरना देंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान मेवासिंह आर्य, मंगलसिंह खरेटा, सूरत सिंह हरियावास, आजाद सिंह भूंगला, पहलवान सूरत सिंह, मंदरूप सेहर, दयाचंद सिधनवा, रणबीर मान पूर्व बीडीसी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता बहल ब्लॉक प्रधान धनसिंह सुरपुरा ने की।