भिवानी। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल पर रोडवेज बसाें में परिचालक की ड्यूटी निभा रहे होमगार्ड सरकार की नहीं अपनी जेबें गर्म करने में जुटे हैं। इसका खुलासा लोहारू से आई बस के कंडक्टर बने होमगार्ड से रोडवेज फ्लाइंग ने हिसाब मांगा तो हकीकत सामने आ गई। बस से सवार कुछ गिने चुने यात्रियों को ही होमगार्ड ने टिकट दी थी। बाकी बगैर टिकट के यात्रा कर रहे थे जबकि इन सभी से किराया वसूला गया था। जांच में परिचालक के बैग से साढ़े नौ सौ रुपये अतिरिक्त मिले। जब फ्लाइंग टीम ने होमगार्ड से पूछा तो बोला टिकट खत्म हो गई थी, जबकि जांच में पास टिकटें भी पर्याप्त मिली। ऐसा सिर्फ एक बस में नहीं हुआ। रोडवेज बस फ्लाइंग ने छह बसों की जांच की तो उनमें यह घालमेल मिला। प्रत्येक के पास 1500 से पांच हजार रुपये की गड़बड़ी मिली।
720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में 18 दिन तक हड़ताल करने वाले कर्मचारी शनिवार को ड्यूटी पर लौटे। ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद रोडवेज फ्लाइंग टीम ने मोर्चा संभालते हुए बस स्टैंड में प्रवेश करने वाली बसों की जांच शुरू की और उनमें सवार कंडक्टरों से टिकटों का हिसाब लिया तो गड़बड़ी मिली। सबसे पहले दादरी से आई बस को चेक किया तो अलग-अलग नंबर की टिकटें मिली। अधिकतर सवारियों को टिकट ही नहीं दी गई। जिसके बाद इस बारे में चरखी दादरी डिपो के अधिकारियों को सूचित किया गया। यहां के बाद दिल्ली व अन्य लोकल रूटों से आई बसों की जांच की गई। जांच में तीन से पांच हजार रुपये तक की गड़बड़ी मिली। फ्लाइंग टीम से रामफल, सुरेश कुमार ने बताया कि जांच में काफी खामियां मिली है। छह कंडक्टरों को पकड़ा है। जिनकी उच्च अधिकारियों को शिकायत की है। ज्यादातर ने यात्रियों से किराया तो लिया मगर टिकटें नहीं दी। काफी गड़बड़ी की है।
टिकट खत्म हो गई किराया ले लिया
रुपयों की गड़बड़ी में पकड़े गए ललित नाम होमगार्ड ने बताया कि वह लोहारू गया था और वापसी में टिकट खत्म हो गई। जिस कारण उसने यात्रियों से किराया ले लिया और टिकटें नहीं दी। जांच की तो उसके पास टिकटें भी मिली। जिसके बाद वह माफी मांगने लगा।
एक कंडक्टर ने 15 दिन में जमा कराये 18 हजार
कंडक्टर बने एक होमगार्ड ने हड़ताल के दौरान ड्यूटी संभालते हुए 15 दिन के 18 हजार रुपये जमा कराये। इसको लेकर रोडवेज परिसर में दिनभर चर्चाएं रही। रोडवेज कर्मचारी कहते रहे कि लगभग सभी नियमित कंडक्टर औसतन हर रोज 18 हजार रुपये देते है जबकि होम गार्ड बने कंडक्टर ने 15 में 18 हजार रुपये जमा कराये है। यानी 18 दिन की हड़ताल के दौरान पैसे जेबों में गए है।
यहां तो फ्री सेवा है
एक बस की जांच के दौरान फ्लाइंग टीम ने पाया कि काफी यात्रियों का टिकट ही नहीं दी गई। जब कंडक्टर से बात की तो उसने बताया कि कोई ना ले टिकट तो वह क्या करें। कुछ यात्रियों ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बसों में फ्री सेवा बता रहे है तभी टिकट नहीं ले रहे। वर्जन::::
होम गार्ड ने कितनी गड़बड़ी की है, इसकी जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
सतीश कुमार, एसडीएम और जीएम