फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुमशुदगी मामले में 25 गांवों की महापंचायत ने खोला पुलिस के खिलाफ मोर्चा

विज्ञापन
विज्ञापन
गुमशुदगी मामले में 25 गांवों की महापंचायत ने खोला पुलिस के खिलाफ मोर्चा
विज्ञापन

लोहारू । क्षेत्र के गांव गोठड़ा के पांच महीने से लापता युवक सतपाल का सुराग लगाने में विफल रही पुलिस के खिलाफ 25 गांवों की महापंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। महापंचायत ने साफ कहा कि पांच दिन में जांच अधिकारी नहीं बदला और मामले की जांच लोहारू पुलिस के बजाय डीएसपी या क्राइम ब्रांच को नहीं दी गई तो ग्रामीण आंदोलन छेड़ देंगे। इस मामले को लेकर ग्रामीण सोमवार को एसपी से मुलाकात करेंगे।
यह निर्णय रविवार को गोठड़ा गांव के राजकीय स्कूल प्रांगण में आयोजित 25 गांवों की महापंचायत में लिया गया। पंचायत में 25 गांवों के अलावा बहल ओर सिवानी खंड के के गांवों के गणमान्यों ने भी हिस्सा लिया। पंचायत की अध्यक्षता मंहत सदानंद सरस्वती ने की।
विज्ञापन

पांच घंटे तक चली पंचायत में हर वक्ता ने अपने संबोधन में पुलिस तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि 26 अप्रैल 2017 से जयलाल का पुत्र सतपाल गायब है। उसके बाद से उसकी पत्नी चन्द्रेश पड़ोस के गांव के युवक के साथ चली गई। इस मामले में परिवार ग्रामीणों को साथ लेकर दर-दर की ठोंकरे खा रहा है। पुलिस उसका आज तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है। उनके परिवार की मदद के लिए आगे आए समाज के लोग जब गिगनाऊ गांव में प्रदर्शन करने गए तो उन पर झूठा रोड जाम करने का मुकदमा बना दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकरण में राजनीतिक षडयंत्र है तथा सतपाल का मर्डर होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सरपंच प्रतिनिधि अत्तर सिंह, शीशराम मेचू, विजयसिंह गोठड़ा, सुमेर सिंह गोठड़ा, गंगाराम श्योराण, सुमित्रा चौधरी, रणसिंह चैहड़, धनपतराय फरटिया, रवि आजाद सहित अनेक वक्ताओं ने इस मामले में संगठित होकर संघर्ष करने की बात कही।
विज्ञापन

---
56 सदस्यीय बनाई कमेटी, आज एसएसपी से मिलेंगे
इस दौरान पंचायत में मौजूद लोगों ने सर्वसमति से 56 लोगों की एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया। कमेटी सोमवार को एसपी भिवानी से मिलेगी और सतपाल के मामले की जांच के लिए एसआईटी या स्टेट क्राइम ब्रांच से कराए जाने की मांग उठाई जाएगी। वक्ताओं ने दो-टूक कहा कि आगामी पांच दिन में पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल की मांग के अनुसार जांच अधिकारी नहीं बदला तो फिर ग्रामीण आंदोलन करने पर विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें