कंपनी बना की थी एक करोड़ 31 लाख की धोखाधड़ी, दो लोगों को सात-सात साल कैद, 70-70 लाख रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। फेयरट्रेड के नाम से कंपनी खोल आठ रुपये सैकड़ा का ब्याज देने का लालच देकर एक करोड़ 31 लाख 88 हजार रुपये ऐंठने वाले दो लोगों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 70-70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर डेढ़-डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला 19 अगस्त 2016 का है। पुलिस को दी शिकायत में इंद्रा कॉलोनी वासी पवन कुमार ने बताया कि दिनेश पंडित और प्रमोद कुमार ने उसे बताया कि उन्होंने फेयरट्रेड कंपनी बनाई हुई और उन्हें सेबी से अनुमति है। वह आठ रुपये सैकड़ा के हिसाब से हर महीने ब्याज देते हैं। उन्होंने कुछ लोगों को यह ब्याज दिया भी, जिसके बाद वह लालच में आ गया और स्वयं के, बहन, साले और कुछ साथियों के एक करोड़ 31 लाख 88 हजार 729 रुपये जमा कराए। शिकायतकर्ता पवन ने बताया कि उन्होंने रुपये मांगे तो पहले तो उसके चक्कर कटवाए गए और फिर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। जिस पर सिविल लाइन थाना में केस दर्ज हुआ।
इसी मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनों को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों दोषियों दिनेश पंडित और प्रमोद कुमार को सात-सात कैद और 70-70 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर डेढ़-डेढ़ साल की अतिरिक्त सजा होगी। कोर्ट ने आदेशों में जुर्माना राशि में से 15 लाख रुपये कपूर सिंह, 27 लाख रुपये राज दुलारी, 45 लाख रुपये सुनीता देवी, सात लाख रुपये जितेंद्र कुमार, 10 लाख रुपये पवन कुमार को देने के निर्देश दिए। इन लोगों ने रुपये कंपनी में जमा कराए थे और कोर्ट में शपथ पत्र भी दिए थे। इस बारे में अधिवक्ता पीयूष वर्मा ने बताया कि दोनों ने लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए ही यह कंपनी बनाई थी। दोनों को अदालत ने सात-सात साल कैद और 70-70 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।