तोशाम। दक्षिणी कश्मीर के शोपिया जिले में मंगलवार को आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हुए विजय कुमार की अंतिम यात्रा में बुधवार को बड़ी संख्या में लोग जुटे। भारत माता की जय और विजय कुमार अमर रहे के जयकारों साथ शहीद विजय कुमार का पार्थिव शरीर सागवान गांव मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ लाया गया। शहीद को भारतीय सेना और हरियाणा पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैनिक सम्मान के साथ सागवान में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र मोनू ने मुखाग्नि दी। वहीं पिता, पत्नी और दो बेटियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद विजय (37) भिवानी के गांव सागवान के रहने वाले थे। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई के बाद 2001 में बैंगलोर में 6 पैरा रेजिमेंट जॉइन की थी। शहीद विजय कुमार के परिवार में पत्नी सुमन, पुत्र मोनू, बेटियां निशा व तन्नू के अलावा पिता जयदयाल और माता सुनहेरी देवी हैं। इस मौके पर हिसार छावनी से कर्नल अमन ओबराय, लेफ्टिनेंट कर्नल एमए खान, दो जेसीओ व 13 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए पहुंचे। शोपिया (कश्मीर) से कर्नल एसएस बिष्ट, कर्नल राजेश शर्मा के अलावा विभिन्न ऑफिसर व जवान, जिला सैनिक बोर्ड की तरफ वेलफेयर ऑफिसर औम कुमार, एसडीएम रविंद्र कुमार, डीएसपी कुलदीप बैनिवाल, एसएचओ जयसिंह, तहसीलदार सुभाषचंद्र, बीडीपीओ सुभाषचंद शर्मा शहीद विजय कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इनके अलावा शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा, सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व सांसद श्रुति चौधरी, कमल सिंह प्रधान, रविंद्र बापौड़ा, टोनी बराला, वासुदेव शर्मा, अनूप बागनवाला, सरपंच सुरेश कुमार, जिला पार्षद भूपेंद्र, जिला पार्षद प्रतिनिधि मुकेश, कामरेड ओमप्रकाश, रामफल देशवाल आदि भारी तादाद में लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
पूरे देश को विजय की शहादत पर गर्व
विजय कुमार की शहादत पर समूचे राष्ट्र को गर्व है। शहीद हमारे देश की धरोहर हैं जिनको कभी बुलाया नहीं जा सकता। शहीद विजय कुमार ने बड़ी वीरता के साथ चार आतंकवादियों को ढेर मार गिराने में अहम भूमिका निभाई ऐसे सपूत के माता-पिता को मैं नमन करता हूं। -शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा।
शहीद विजय कुमार की शहादत पर पूरा देश गर्व करता है। उन्होंने बड़ी बहादुरी के साथ आतंकवादियों का मुकाबला किया और चार आतंकवादी मार गिराए। गांव सागवान के इस लाल पर गर्व है। --सांसद धर्मबीर सिंह।
शहीद विजय कुमार के चरणों में शत-शत नमन करती हूं। विजय कुमार ने हमारी सुरक्षा के लिए जान न्योछावर कर दी। -पूर्व सांसद श्रुति चौधरी।
शहीद विजय कुमार की शहादत पर नाज है। विजय कुमार ने अपनी जान कुर्बान कर देश की रक्षा की है, उनके चरणों में नमन करता हूं। - कमल प्रधान
देश के युवाओं को आज शहीद विजय कुमार जैसे शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ने के प्रयास करने चाहिए व देश व समाज के विकास के लिए मिलकर काम करने चाहिए।
-अनूप बागनवाला, इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य।
शहीद विजय कुमार की शहादत पर पूरे राष्ट्र को गर्व है। शहीद विजय कुमार ने देश की रक्षा के लिए जान न्योछावर की है इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
- कांग्रेस नेता एडवोकेट हरिसिंह सांगवान।
शहादत का बदला लेने के लिए बेटे को भी भेजूंगी फौज: सुमन
तोशाम। शहीद विजय कुमार अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों के साथ शहीद विजय कुमार को उनकी पत्नी सुमन ने अंतिम विदाई दी। शहीद की पत्नी सुमन का कहना है कि उन्हें पति की कुर्बानी पर गर्व है। वे देश पर कुर्बान हुए और वे उनकी बहादुरी को सलाम करती हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। हमारा एक मारा है तो उनके पांच मारने चाहिए। शहीद की पत्नी ने कहा कि पिता की शहादत का बदला लेने के लिए बेटे को भी फौज में भेजूंगी।
शहीद के पिता जयदयाल ने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है। सरकार जम्मू कश्मीर क्षेत्र में अमन की बहाली के लिए पाकिस्तान की ओर से की जा रही नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दे। मां सुनहेरी देवी ने भी कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जान कुर्बान करने वाले बेटे की मां होना मेरे लिए गर्व की बात है। वहीं बेटी निशा और तन्नू ने कहा कि खुशी है कि पिता देश के लिए शहीद हुए हैं। तन्नू ने बताया कि सोमवार को पापा से बात हुई थी। पापा ने कहा था कि पढ़-लिखकर डॉक्टर या टीचर बनना है।
तन्नू भाई का बंधा रही ढांढस
शहीद विजय कुमार का शव पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में शहीद की छोटी बेटी करीबन दस वर्षीय तन्नू करीबन 15 वर्षीय भाई मोनू का ढांढस बंधाती दिखाई दी।