अभिभावक सम्मेलन में नहीं पहुंचे केजरीवाल, रोते हुए धरने पर बैठा आयोजक दयानंद गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। अभिभावक सम्मेलन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नहीं आए तो आयोजक एडवोकेट दयानंद गर्ग रोते हुए स्टेज के पास ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि अब यहां या तो अरविंद केजरीवाल आएंगे या फिर उसकी लाश उठेगी। वह यहीं पर धरने पर बैठा रहेगा और पानी के अलावा कुछ नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि उसके समर्थन में इतने लोग आए हुए थे, इसके बावजूद फोन पर सूचना दी गई कि लोग कम हैं। एडवोकेट दयानंद गर्ग शाम तक धरने पर बैठे रहे और उन्हें समझाने अनेक लोग पहुंचे मगर वह अपनी जिद पर अड़े रहे।
बुधवार को अनाजमंडी में प्रस्तावित अभिभावक सम्मेलन में दिल्ली से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आने का कार्यक्रम था। इसके लिए करीब 15 दिन से जिलेभर में अभियान चलाए जा रहे थे और शहर में जगह-जगह होर्डिंग-बैनर लगाए गए थे। मंगलवार को दिल्ली से आई आम आदमी पार्टी की टीम ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया था। आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री केजरीवाल के आने की सूचना दी थी। केजरीवाल का कार्यक्रम बनने के बाद बुधवार सुबह पुलिस भी अलर्ट दिखी और सभी चौक-चौराहों के अलावा अनाजमंडी में सुरक्षा के चलते पुलिस कर्मी तैनात किए गए। आयोजन स्थल के पास भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत लोगों की भीड़ सुबह 10 बजे ही अनाजमंडी में जुटने लगी थी। दोपहर 12 बजे तक लोगों की खासी भीड़ आयोजन स्थल पर जुटी हुई थी। इस दौरा रागिनी आदि कार्यक्रम चलते रहे। दोपहर साढ़े 12 बजे सूचना मिली कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कार्यक्रम रद्द हो गया है। जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हलचल मच गई। आयोजक दयानंद गर्ग स्टेज पर ही रोने लगे। रोते हुए माइक पर कहां कि अरविंद केजरीवाल ने उसके साथ धोखा किया है। उसके साथ कुछ हो जाता है तो अरविंद केजरीवाल ही उसकी बेटी को जवाब देंगे। यह बोलने के बाद दयानंद गर्ग मंच से उतरकर धरने पर बैठ गए। यहां लोगों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह रोता रहा। साथ ही चेतावनी दी कि या तो यहां अरविंद केजरीवाल आएंगे, नहीं तो उसकी लाश उठेगी। दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक वह धरने पर ही बैठा था और अनेक लोग उसे समझाने के लिए आ रहे थे।
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बेटी की पेंसिल नहीं लाया, सम्मेलन की तैयारियों में जुटा रहा
रोते हुए दयानंद गर्ग ने कहा कि वह 15 दिनों से अपने साथियों के साथ सम्मेलन की तैयारियों में जुटा है। सुबह पांच बजे निकलता और रात 12 बजे तक लोगों से मिलकर सम्मेलन का न्योता देता। उसकी छह साल की बेटी चार दिन से उसे पेंसिल लाने के लिए बोल रही है मगर वह सम्मेलन की तैयारियों के चलते उसे पेंसिल तक नहीं लाकर दे रहा था। आज अरविंद केजरीवाल ने उसके साथ धोखा किया गया है।