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निगम अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला, कहा: बिजली लाइन के नीचे है अवैध निर्माण

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। शहर में दुकानों और मकानों के ऊपर से गुजरती हाई वोल्टेज लाइनें जानलेवा साबित हो रही हैं। मगर अधिकारियों की नींद है कि टूटती नहीं। आखिर कब तक यूं हादसों में लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। रविवार को भी अलग-अलग जगह बच्ची सहित तीन लोगों को करंट लगा जिनमें एक दुकानदार की मौत हो गई। अब बिजली निगम इस मौत की जिम्मेवारी लेने की बजाए कह रहा है कि नोटिस के बाद अवैध निर्माण करेंगे तो निगम जिम्मेवारी क्यों लेगा। निगम कहां ले जाए बिजली लाइन को। सरकार जब अस्टिमेट पास कर देगी तो लाइनें बदल दी जाएंगी। हर शिकायत पर निगम अधिकारी एक ही बात कहते हैं सरकार को अस्टिमेट बनाकर भेज रखा है।
रविवार को तीन जगह करंट से हुए हादसे
केस-वन: दुकानदार की मौत, दो बेटियों के सिर से उठ गया बाप का साया
विकास नगर निवासी आलोक अग्रवाल ने रोहतक रोड पर सब्जी मंडी चौकी पुलिस के पास बालाजी किराणा स्टोर नाम से दुकान कर रखी है। तीन-चार दिनों से चल रही बारिश के चलते दुकान की छत से पानी टपकने लगा। इसके चलते आलोक अग्रवाल दुकान की छत पर चढ़ा ही था कि उपर से गुजर रही 11 हजार केवी की लाइन ने अपनी चपेट में ले लिया। वहां मौजूद उसके भाई व पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे उतरवाकर प्राइवेट अस्ताल में भर्ती करवाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की करीब छह साल पहले ही शादी हुई थी और उसकी छोटी-छोटी दो बेटियां हैं। इस प्रकार दो बच्चिों के सिर से बाप का साया उठ गया।
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केस-टू : 10 वर्षीय निक्की को लगा करंट
किरोड़ीमल मंदिर के पास रहने वाली 10 वर्षीय निक्की अपने घर के बाहर खेल रही थी कि उसका हाथ नंगी तार को छू गया और वह दूर जाकर गिरी। वहां पर मौजूद परिजनों ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जिससे उसकी जान बच गई।
केस-थ्री : मजदूर को लगा करंट
भिवानी में मजदूरी के लिए बिहार से आए युवक मंजीत पुत्र राजेश को बिजली की नंगी तारों ने अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि परिजन वहीं मौजूद थे और उसे तुंरत तार से अलग किया। परिजन उसे सिविल अस्पताल में लेकर आए, जहां उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि बारिश के मौसम पहली बार कोई हादसा हुआ हो। इससे पहले भी बारिश के मौसम में छतों से गुजरती 11 हजार केवी की हाई वोल्टेज लाइन किसी को अपंग बना चुकी हैं तो किसी की जान ले चुकी हैं। बताते चलें कि सब्जी मंडी चौकी पुलिस के दो पुलिसकर्मी भी बिजली लाइन की चपेट में आ चुके हैं। गनीमत यह रही कि उनकी जान बच गई। इससे पहले भी लाइन की चपेट में आन से रोहतक रोड पर कई हादसे हो चुके हैं।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
मृतक विकास नगर निवासी आलोक के मामा प्रदीप बंसल ने बताया कि दुकानों के उपर से गुजर रही लाइनों को हटाने के लिए बार-बार बिजली निगम को लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती। जब भी शिकायत देने जाते हैं तो उन्हें एक ही बात कही जाती है कि उन्होंने अवैध निर्माण ही क्यों किया लाइनों के नीचे। कार्रवाई नहीं होने पर हंगामा करने पर कहते हैं सरकार ने अस्टिमेट मांगा हुआ है, जो उन्होंने बनाकर भेज दिया। उन्होंने बताया कि आज तक ना तो अस्टिमेट पास हुआ ना ही बिजली की लाइनें हटाई गई।
वर्जन::::
शहरी एक्सईएन सत्यवीर यादव ने कहा कि लाइनें कई साल पहले से बिछाई हुई हैं। उनके नीचे नोटिस देने के बाद भी अवैध निर्माण किए गए हैं। अगर कोई भी हादसा होता है तो उसकी जिम्मेवारी विभाग की नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रपोजल मांग रखा है जिसका अस्टिमेट बनाकर भेजा हुआ हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर में जब जगह ही नहीं है तो वे लाइनें कहां से लेकर जाए।

इनसाइट स्टोरी
शहर में जगह-जगह लटक रही मौत की नंगी तारें
लोहे के पोल भी दे रहे हादसो को न्यौता
- बोले दुकानदार : हो चुके हादसे, शिकायत के बाद भी बिजली निगम बेपरवाह
- ट्रांसफर्मर के फ्यूज इतने नीचे की मासूम भी बन जाए शिकार
- लावारिश पशुओं की होती रहती है मौत
भिवानी।
शहर में नजर दौड़ाकर देखा जाए तो बिजली निगम की लापरवाही साफ देखने को मिल जाएगी। जगह-जगह मौत को न्यौता दे रही नंगी तारें लटक रही हैं। बरसात के मौसम में लोहे के पोल में करंट आना आम बात हो गई है। कई जगह तो ऐसी हैं जहां है हर दिन भारी भीड़ लगी रहती है, और वहां पर हादसे भी हो चुके हैं। हांसी चौक व्यापारी संगठन के प्रधान प्रेम धमीजा ने बताया कि हांसी चौक पर भारी भीड़ रहती है। चौक पर ही बिजली निगम ने तीन ट्रांसफार्मर रखे हैं। एक लोहे के पोल पर लगा तो दूसरा सीमेंट के पोल पर। तीसरा ट्रांसफार्मर चबूतरे बनाकर रखा हुआ है। जो बिल्कुल खंडर हो चुका है। वहां पर मौजूद दुकानदार नवीन चावला, दीपक जांगड़ा, संगठन सचिव रणबीर लाम्बा, संदीप, वतन, रवि, किशोर, सूरज, लक्की, सन्नी, योगेश व भारत ने बताया कि बार-बार हो रहे हादसों की उन्होंने निगम को ना जाने कितनी शिकायतें दे चुके लेंकिन, निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ट्रांसफार्मर की तार इतनी नीची हैं कि एक 5 साल का बच्चा भी उन्हें पकड़ सकता है।
लग चुका है करंट, जल चुकी है बाइक
दुकानदारों ने बताया कि बारिश के मौसम में उन्होंने ग्राहकों का ध्यान रखना पड़ता है। कई बार तो लोगों को मामूली करंट भी लग चुके हैं। एक बार तो बारिश के मौसम में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से वहां पर खड़ी बाइक भी जल चुकी है। इतने हादसों के बाद भी निगम कुंभकर्णी नींद सोए हुआ है।
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हर साल जाती है लावारिश पशुओं की जान
नंगी तारों की चपेट में आकर आमजन नहीं लावारिश पशुओं की भी जान जा रही है। संगठन प्रधान ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही ट्रांसफार्मर की लटक रही नंगी तारों की चपेट में आने से एक सांड की मौत हुई थी। नंगी तारों को लेकर शिकायत की गई तो निगम कर्मचारी तारों पर पीवीसी टेप लगाकर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। पीवीसी टेप लोड पड़ते ही जल जाती हैं और तारें फिर से नंगी लटकती रहती हैं।
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