अमर उजाला ब्यूरो
बहल।
बिजली निगम की ओर से बिलों में कथित अनियमितताओं के खिलाफ किसान सिरसी गांव में हुई पंचायत में बिजली निगम पर बरसे। किसानों ने कहा कि यह सब एक सुनियोजित नीति के तहत किया गया है ताकि किसानों का उनकी मांगों से ध्यान हटाया जा सके। पंचायत में लोगों ने 20 नवंबर को बहल में प्रस्तावित बिजली घर पर आंदोलन में भाग लेने पर सहमति जताई।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित पंचायत में किसानों ने कहा कि किसान लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है लेकिन सरकार व प्रशासन उनकी अनदेखी कर रहा है। भाकियू के जिला प्रधान मेवासिंह आर्य ने कहा कि निगम द्वारा किसानों से तत्काल स्कीम के तहत ट्यूबवेल कनेक्शनों के नाम पर लाखों रुपये वसूल रहा है, जो कि सही नहीं है। वहीं, किसानों को बिजली के लिए हर रोज परेशान किया जा रहा है। गांवों में दस घंटे की जगह बमुश्किल सात घंटे ही बिजली दी जा रही है। पंचायत में लोगों से आह्वान किया गया कि वो 20 नवंबर को बहल में प्रस्तावित बिजली घर पर आंदोलन में बढ़चढ़ कर भाग लें तथा अपनी ताकत का प्रदर्शन करें।
पंचायत में सिरसी गांव की भाकियू इकाई का गठन किया गया जिसमें पूर्व पुलिस अधिकारी दलीप सिंह को प्रधान, सतबीर को उपप्रधान, विजय कुमार को कोषाध्यक्ष, सुरेन्द्र पुनिया को महासचिव, शेरसिंह, हरिकृष्ण व संदीप को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया। पंचायत को आजाद सिंह भूंगला, रवि आजाद, महाबीर सांगवान ने संबोधित किया। पंचायत की अध्यक्षता शीशराम पुनिया ने की। इस अवसर पर विजेन्द्र हरियावास, सोमवीर महला, बलवान जायसवाल, सुमेर, महावीर सहारण, वजीर लाखलाण, पूर्व सूबेदार जयवीर मिठी, दयानंद नेहरा, बलवंत खरखड़ी, जयसिंह सहारण, जयवीर नंबरदार, धर्मपाल श्योराण, मांगेराम सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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कैप्शन : सिरसी गांव में आयोजित पंचायत में बोलते हुए वक्ता।