अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। अमृत योजना के तहत कंपनी के प्रतिनिधि शुक्रवार को सर्वे करने भिवानी पहुंचे जिन्होंने नप चेयरमैन व कुछ पार्षदों के साथ शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। मगर चेयरमैन समेत 21 वार्डों के पार्षद ही कंपनी प्रतिनिधियों को अपने-अपने वार्डों की स्थिति बताने पहुंचे। 10 पार्षदों ने इसमें कोई रुचि नहीं ली।
अमृत योजना के तहत भिवानी शहर के लिए 36 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत हुई है। इसके तहत शहर की सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा भी अन्य कार्य होंगे। शहरी निकाय निदेशालय की ओर से एक कंपनी से अमृत योजना के तहत सर्वे और कार्यों का अनुबंध किया गया है। इस अनुबंध के तहत कंपनी के दो प्रतिनिधि भिवानी पहुंचे। पहले नगर परिषद में बैठकर विभिन्न पार्षदों की मांगें सुनी और मैप पर नोट की। इसके बाद चेयरमैन रणसिंह यादव के साथ वार्ड 18 दिनोद रोड, बिचला बाजार, जैन चौक, बावड़ी गेट तेलीवाडा, हालु बाजार आदि क्षेत्रों का दौरा किया और डीपीआर बनाई। शाम चार बजे तक टीम के सदस्यों ने शहर में निरीक्षण किया। इसके आधार पर ही अब जहां नई लाइन डालने की जरूरत है वहां सीवर और पानी की नई लाइन डाली जाएगी जहां रिपेयरिंग की जरूरत है वहां रिपेयरिंग की जाएगी।
अधिकतर जगह डैमेज और खस्ताहाल है पेयजल लाइन
शहर में अधिकतर जगह पेयजल लाइन को डले वर्षों हो गए। खासकर पुराने शहर में तो पेयजल लाइन बहुत नीचे है। सीवरेज की लाइन भी काफी पुरानी है। ऐसे में काफी एरिया में नई लाइन डाले जानी की जरूरत है। इसके अलावा नालों का बार-बार ब्लॉक होना भी बड़ी परेशानी है। ऐसे में अब यहां बड़े पाइप डालने की योजना बनाई गई है।
31 में 21 पार्षदों ने ही रुचि लेकर बताई वार्ड की स्थिति
शहर के 31 वार्डों में से सिर्फ 20 वार्डाें के पार्षद ही वार्डों की समस्याओं को लेकर कंपनी प्रतिनिधियों से मिले और काफी बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए विकल्प भी समझाए। 10 पार्षद अनुपस्थित रहे। बैठक में मुकेश रहेजा, मीनू देवी, हर्षदीप, मंजू, रेखा राघव, कविता यादव, पूजा यादव, मामनचंद, आकाश मस्ता, दलबीर छोटू, ज्योति कामरा, ज्योति तंवर, सचिन यादव, राज कुमार, बिल्लू बादशाह, नरेंद्र सर्राफ, आशा रानी, विजय तंवर, संदीप, बलवान सिंह ने ही अपने वार्डों की स्थिति बताई।
पार्षदों में दिखी नाराजगी
कंपनी प्रतिनिधियों के पास अपने वार्डों की स्थिति रखने पहुंचे अधिकतर पार्षद नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई बार अपने-अपने वार्डों की सारी समस्याएं रख चुके हैं। खस्ताहाल सीवरेज लाइन, पानी की लाइन के बारे में बता चुके हैं, मगर कोई समाधान नहीं हो रहा। इस स्कीम में भी ऐसा ही लग रहा है।