तीन दिन बाद पहुंचा यूरिया खाद, उमड़ी किसानों की भीड़
भिवानी। तीन दिन से यूरिया खाद का इंतजार वीरवार को खत्म हो गया। 52 हजार बैग की खेप पहुंची तो किसानों में पहले लेने की होड़ मच गई। अफरातफरी के बीच खाद बंटी।
वीरवार सुबह 52 हजार बैग का रैक यहां पहुंचा। खाद आने की सूचना के बाद अनाजमंडी स्थित हैफेड बिक्री केंद्र पर किसानों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद अफरातफरी के बीच किसानों को खाद वितरित किया गया। हैफेड के सुपरवाइजर सुरेंद्र ने बताया कि आज पहुंची 52 हजार यूरिया बैग की खेप जिले के सभी 45 पैक्स पर भिजवा दिया है। भिवानी हैफेड बिक्री केंद्र पर करीब साढ़े 11 सौ बैग वितरित किए गए हैं। अगले 4-5 दिन में 1.48 लाख बैग और यहां पहुंचेंगे। 58 हजार चंबल फर्टिलाइजर, 52 हजार इफ्को और 60 हजार कृभको कंपनी के बैग पहुंचने की उम्मीद है।
कीमत बढ़ाने पर बिफरे किसान
लोहारू। 1 जनवरी 2018 से सरकार द्वारा यूरिया खाद की कीमत बढ़ाने की घोषणा के विरोध में वीरवार को अखिल भारतीय किसान सभा की लोहारू इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार कनब लाकड़ा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि सरकार द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से आगामी 1 जनवरी से यूरिया खाद की कीमत बढ़ाने की घोषणा की गई है।
किसानों का कहना था कि सरकार बढ़ी हुई राशि को सब्सिडी के रूप में जमा करना चाहती है जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। लोहारू इकाई के प्रधान राम सिंह शेावत, शेेरसिंह यादव, अमर सिंह , सुमेर सिंह गोठड़ा आदि ने चेतावनी स्वरूप कहा कि यदि सरकार ने यूरिया की कीमत बढ़ाई तो किसान सभा आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
यूरिया खाद से जीएसटी हटाने की मांग
तोशाम। यूरिया खाद को जीएसटी से बाहर करने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रद्द करने, किसानों और खेतिहर मजदूरों के कर्ज माफ करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम के रीडर राजकुमार सांगवान को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिला सचिव रोहताश सैनी ने बताया कि किसानों को यूरिया की समस्या से जूझना पड़ रहा है जिसको तुरंत प्रभाव से दुरूस्त किया जाए। यूरिया खाद पर जीएसटी लगाने से महंगी हो गई है। किसानों के हित में यूरिया से जीएसटी हटाया जाए। लावारिस पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से लावारिस पशुओं का उचित प्रबंध करने, मनरेगा मजदूरों को काम दिलाने की मांग की।