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किसानों और प्रशासन के बीच दूसरी बार विफल हुई वार्ता

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किसानों और प्रशासन के बीच दूसरी बार वार्ता विफल
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बहल
पाइप लाइन से जलघर में पानी डालने का विरोध कर रही नहर बचाओ संघर्ष समिति एवं प्रशासन के बीच वार्ता वीरवार को भी सिरे नहीं चढ़ सकी। अधिकारियों ने किसानों को महज यह आश्वासन दिया कि वे उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। वहीं, किसानों ने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पाइप लाइन से पानी पहुंचाने की योजना को किसी सूरत में लागू नहीं होने देंगे।
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प्रशासन की पहल पर वीरवार को पंप हाउस पर आयोजित मीटिंग में भाग लेने से पहले किसानों ने विभिन्न किसान संगठनों के साथ हरियावास बस स्टैंड पर बैठक की। किसानों ने आपसी विचार के बाद यह फैसला किया कि उनको प्रशासन के समक्ष दो ही मांगे रखनी है। एक तो पाइप लाइन से जलघर में पानी पहुंचाने की योजना को वापस लेने तथा दूसरी नहरों ही हर टेल तक पानी की उपलब्धता हो। किसानों ने कहा कि पाइप लाइन योजना से जमीन बंजर हो जाएगी, डार्क जोन की स्थिति और बदतर हो जाएगी, भारी लागत से बने ट्यूबवेल फेल हो जाएंगे और पर्यावरण को नुकसान होगा। बाद में जनस्वास्थ्य, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ एसडीएम लोहारू राजेश कुमार पंप हाउस नंबर पांच पर किसानों के साथ वार्ता के लिए पहुंचे। किसानों ने अपना सीएम के समक्ष लिखा ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और कहा कि खेती, किसान और पर्यावरण को बचाने के लिए उनकी मांगों को पूरा किया जाए। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों के संबंध में उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। उसके बाद ही किसी समस्या के समाधान पर विचार किया जाएगा। वहीं किसानों ने कहा कि वे किसी कीमत पर पाइप लाइन योजना को लागू नहीं होने देंगे । सरकार अपनी कथनी के अनुसार नहरों की हर टेल तक पानी की उपलब्धता करें। प्रशासन के साथ मीटिंग में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान सभा, सतगांवा खाप, लाखलाण खाप के 11 गांव के अलावा क्षेत्र के अन्य किसान शामिल हुए। नहर बचाओ संघर्ष समिति के प्रधान कैप्टन सोहनलाल, सचिव प्रदीप मंढोली कलां, दयानंद पूनिया, डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, रवि आजाद, सूरत सिंह हरियावास, बलवान बागड़ी, रोहताश सरपंच, रामचंद्र फौजी, भगवान सिंह लाखलाण, मीर सिंह सांगवान, धर्मपाल नंबरदार कासनी, पूर्व सरपंच सुरेश कुमार, रामसिंह जांगड़ा, रामनिवास कोच सुरपुरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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