भिवानी। आठ मार्च को तोशाम बाइपास के विश्वकर्मा चौक से बापोड़ा मार्ग तक के करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी सड़क के जीर्णोद्धार का शुभारंभ किया। ठेकेदार के कारिंदों ने एक-दो दिन में सड़क को उखाड़ दिया मगर निर्माण नहीं किया। ऐसे में अब यह अधूरी सड़क राहगीरों के लिए आफत बनी है। दुपहिया वाहन संतुलन बिगड़ने से हादसे हो रहें हैं। एक महिला की तो यहां मौत भी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि लोहारू रोड आरओबी मरम्मत कार्य के चलते काम बंद करना पड़ा और जल्द ही शुरू किया जाएगा।
पिछले लंबे समय से तोशाम बाइपास मार्ग खस्ताहाल बना हुआ है। अनेक हादसे हुए और लोगों ने रोष भी जताया। आखिरकार सरकार ने इस मार्ग की सुध ली और आठ मार्च को विधायक घनश्याम सर्राफ और सांसद धर्मबीर सिंह ने शुभारंभ किया। करीब साढ़े आठ करोड़ से इस मार्ग का जीर्णोद्धार किया जाएगा। 10 को आचार संहिता लगने से पहले ही काम शुरू हो गया और ठेकेदार के कारिंदों ने सड़क उखाड़ फेंकी।
मगर सप्ताह भर काम करने के बाद ही ठेकेदार के कारिंदे गायब हो गए। उसके बाद से पिछले करीब एक माह से सड़क निर्माण कार्य ठप है। इसके अलावा इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बने है जो, हर रोज हादसों का सबब बन रहे है।
सीएम विंडों व सीएम के ट्वीटर पर हो चुकी हैं शिकायत
उत्तरी भारत को दक्षिणी भारत से जोड़ने का एकमात्र जरिया तोशाम बाईपास हैं, जहां से रोजाना ही करीबन 20 हजार भारी माल ढुलाई के वाहन हिमाचल, पंजाब, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़, हरियाणा, राजस्थान से होते हुए मुंबई और मद्रास तक जाते हैं। इसकी सीएम विंडो और सीएम के ट्वीटर पर भी शिकायत हो चुकी है। तोशाम बाईपास पर सबसे अधिक इन दिनों खादानों से पत्थर ढुलाई वाहन गुजरते हैं, जिनके चलते से तोशाम बाईपास सड़क पर बने आसपास के मकानों में भी कंपन आ जाता है। इस सड़क में दो से ढाई फुट तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिसके चलते अनेक वाहनों के टायर भी फट जाते हैं। जिससे अनहोनी का अंदेशा हमेशा बना रहता है।
तोशाम बाईपास सड़क साढ़े चार किलोमीटर हिस्से के जीर्णोंद्वार का कार्य चल रहा था। मगर लोहारू रेलवे ओवर ब्रिज बंद होने से लोहारू रोड व इसके आसपास के ट्रैफिक का पूरा दबाव इसी मार्ग पर आ गया, जिससे काम बीच में ही बंद कर दिया गया था। अब इस कार्य को दो दिन बाद फिर से शुरू करा दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग भिवानी