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जाम मुक्ति का पहला प्रयास फेल, ना अतिक्रमण हटा और ना ही नो पार्किंग जोन से वाहन

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी।
शहर को जाम मुक्त बनाने और ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए चलाया एक सप्ताह का विशेष अभियान दुकानदारों के सामने फेल साबित हुआ। सात दिन के अतिक्रमण हटाओ और नो पार्किंग जोन के चालान काटने के अभियान के बाद भी स्थिति जस की तस है। न शहर से अतिक्रमण हटा और न ही नो पार्किंग जोन से वाहन। आखिरकार अभियान पूरा होने के बाद अब जिला प्रशासन के आगामी आदेशों के इंतजार में अभियान भी बंद कर दिए गए है। अब हालात ये है कि नया बाजार, बिचला बाजार और हांसी गेट सहित अनेक बाजारों में फुटपाथ ढूंढे नहीं मिल रहे है और दुकानदारों का कब्जा है।
जिला प्रशासन ने शहर को जाम मुक्त करने के लिए विशेषज्ञों से सर्वे करवाया। जिसमें पाया कि शहर की स्थिति को सुधारा जा सकता है। जिसके बाद नई प्लानिंग बनाई गई। दुकानदार अतिक्रमण ना करें इसके लिए लगातार एक सप्ताह तक हर रोज अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का सामान जब्त करने का प्लान बनाया। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नो पार्किंग जोन से वाहन इंपाउंड कर एक सौ रुपये का नो पार्किंग जोन का चालान और चार सौ रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया।
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एक सप्ताह के अभियान के दौरान नप कर्मचारियों ने पुलिस टीम साथ लेकर करीब दो सौ दुकानदारों का सामान जब्त किया। दुकानदारों और कर्मचारियों में झगड़े भी हुए। वहीं ट्रैफिक पुलिस ने भी एक सौ से अधिक वाहनों को जब्त कर चार-चार सौ रुपये जुर्माना किया और चालान किया।

सात से दस फीट तक कब्जा
बाजारों में दुकानदारों ने सात से 10 फुट तक कब्जा कर रखा है। नया बाजार, बिचला बाजार में दुकानदारों ने फुटपाथ ही नहीं पीली पट्टी तक अतिक्रमण कर रखा है। हांसी गेट, सरकुलर रोड, सराय चौपटा सहित अन्य बाजारों में भी दुकानदारों ने पूरे फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है।
दुकानदार ही कर रहे वसूली
घंटाघर से सराय चौपटा तक के मार्ग पर 60 से अधिक स्टॉल दुकानों के आगे सड़क पर लगी हैं। यहां दुकानदार स्टॉल लगाने वालों से ही सरकारी जगह का किराया वसूल रहे है। महीने के 10 से 15 हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। ऐसे में जगह भी सरकार फिर भी किराया दुकानदार की जेब में। ऐसा ही हाल अन्य बाजारों का है।
दुकानदार भी हुए हाइटेक, नप का अभियान शुरू होते ही व्हाट्सएप से करते है अलर्ट
नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान को फेल करने में व्हाट्सएप का अहम रोल रहा। नगर परिषद जहां भी बाजार में अभियान की शुरूआत करता, वहीं दुकानदार सभी को व्हाट्सएम से अलर्ट कर देते। ऐसे में दुकानदार पहले ही अपना अतिक्रमण हटाकर सामान अंदर रख लेते। नगर परिषद टीम के लौटते ही फिर से अतिक्रमण कर लेते।

जब्त सामान लेने भी नहीं आ रहे अधिकतर दुकानदार
नगर परिषद टीम ने जब्त सामान को नगर परिषद कार्यालय रखा है और पांच सौ से पांच हजार रुपये तक जुर्माना दुकानदारों पर किया जा रहा है। अधिकतर दुकानदार सामान लेने ही नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि होर्डिंग का एक हजार रुपये जुर्माना है, इतने में तो नया बन जाएगा।

हमने एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया और दुकानदारों का सामान भी जब्त किया है। मगर लोग जागरूक हो तो ही अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। हम बाजार में अतिक्रमण हटाने जाते है तो दुकानदार आपस में एक-दूसरे को पहले ही अलर्ट कर देते। इस कारण दुकानदार पहले ही अपना सामान अंदर कर लेते है। अधिकारियों के निर्देश पर एक सप्ताह विशेष अभियान चलाया गया। आगे अगर निर्देश होंगे तो फिर अभियान चलाया जाएगा।
संजय कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद

नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के लिए विशेष अभियान चलाया और एक सौ से अधिक वाहनों के चालान और जुर्माना भी किया। बावजूद इसके वाहन मालिक समझ नहीं रहे है। समझाओ तो झगड़ते है। नो पार्किंग जोन के वाहनों के चालान आगे भी किए जाएंगे।
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इंस्पेक्टर प्रेम सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस

अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों से बैठक की जाए। पहले कहा था कि पीली पट्टी के अंदर दुकानदार अपने वाहन और सामान रखे। अब पीली पट्टी के अंदर रखा सामान भी जब्त किया जा रहा है। ऐसे में पहले नप अधिकारी दुकानदारों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट करें। फिर दुकानदार भी सहयोग करेंगे।
भानू प्रकाश, प्रधान
नगर व्यापार मंडल
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