अमर उजाला ब्यूरो।
भिवानी। बच्चों की सुरक्षा की जानकारी को लेकर लगाई गई आरटीआई का जवाब नहीं देन पर राज्य सूचना आयोग ने खंड शिक्षा अधिकारी नरेश मेहता पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने भी संज्ञान लेते हुए 30 दिसंबर तक राज्य सूचना आयोग को जानकारी उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार द्वारा शहर के आठ प्रमुख निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा संबंधी क्या प्रबंध किए गए हैं, इनसे जुड़े कुछ सवालों की जानकारी पांच मार्च 2018 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मांगी गई थी। इस संबंध में निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद भी खंड शिक्षा अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया तो इसकी प्रथम अपील 16 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष की गई जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 15 मई को 20 दिन के अंदर सूचनाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे और यह भी कहा गया था कि यह सूचना देने के उपरांत कार्यालय को भी अवगत कराया जाए। मगर डीईओ के इन आदेशों के बावजूद भी खंड शिक्षा अधिकारी ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने मामले की द्वितीय अपील करते हुए इसकी सूचना 19 जून को राज्य सूचना आयोग में दी। राज्य सूचना आयोग की कमीशनर डॉ. रेखा ने मामले की सुनवाई करते हुए 29 अगस्त को खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 14 नवंबर तक हर हाल में सूचना उपलब्ध कराने के सख्त आदेश दिए थे। मगर कारण बताओ नोटिस के बावजूद भी जानकारी नहीं दी गई। जिस पर राज्य सूचना आयोग की कमीशनर डॉ. रेखा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सूचना देने में आनाकानी करने व गोलमोल जवाब देने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है। इसी के साथ साथ राज्य सूचना आयोग ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा मांगी गई सूचना भी 30 दिसंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्य सूचना आयोग ने किया डीएसपी हेडक्वार्टर को तलब
राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में आधा अधूरा जवाब देने के मामले में भिवानी हेडक्वाटर के उप पुलिस अधीक्षक को तलब किया है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने 26 जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगे एयर कंडिशनरों की संख्या के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी मामले में राज्य सूचना आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला उप पुलिस अधीक्षक कम राज्य जनसूचना अधिकारी भिवानी 30 दिसंबर तक आयोग के समक्ष हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।