गांव खरक कलां में बने नए राजकीय महिला महाविद्यालय के पहले सत्र में स्नातक की छात्राओं के दाखिले न के बराबर हुए हैं। हालांकि इसी साल से खरक कलां के महिला कॉलेज के शिक्षा सत्र की शुरुआत हुई है। इसके बावजूद गांव के कॉलेज में ही पर्याप्त दाखिले नहीं हुए हैं।
खरक कलां के महिला काॅलेज में कुल सीट 160 हैं। इनमें से 138 सीटें खाली रह गईं। छात्राओं की समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों की गांव में महिला कॉलेज खोले जाने की मांग लंबे समय से थी। कॉलेज मांग पूरी किए जाने के बाद भी इस साल के पहले सत्र में कॉलेज की लगभग सीटें खाली पड़ी हैं। महिला कॉलेज की 160 सीटों में से बीए के कॉर्स की लगभग 60 सीट खाली पड़ी है तो वहीं बीकॉम के कॉर्स की 80 सीट में से अभी तक मात्र दो दाखिले ही हुए हैं। इस कॉलेज से आसपास के करीब दस गांवों की करीब 25 हजार छात्राएं जुड़ी हैं।
एमएनएस कॉलेज में बीकॉम की सुबह और सांयकालीन सत्र में सीटें पड़ीं खाली
महाराजा नीमपाल सिंह कॉलेज में हर साल के सत्र के शुरुआती समय से ही दाखिले के लिए मारामारी रहती है। हर बार अधिकतर विद्यार्थी कॉलेज में दाखिला लेने से वंचित रह जाते हैं। इस साल के 2023 के सत्र में स्नातक कोर्स के दाखिले महाराजा नीमपाल सिंह कॉलेज में भी न के बराबर हुए हैं। कॉलेज में स्नातक विज्ञान और स्नातक नॉन मेडिकल की सीटें खाली हैं तो वहीं बीकॉम कॉर्स के प्रात: और सांय कालीन दोनों शिफ्टों की लगभग 100 सीटें खाली पड़ी हैं।
दोबारा खोला पोर्टल, फिर भी नहीं दिखा कोई रुझान
25 से 30 सितंबर तक स्नातक में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों के लिए पोर्टल फिर से खोला गया है। इसके बावजूद दाखिले को लेकर विद्यार्थी रुझान नहीं दिखा रहे हैं। इस कारण इस सत्र की लगभग सीटें कॉलेजों में खाली पड़ी हैं। हालांकि इस पोर्टल को विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों के मद्देनजर दोबारा चालू किया गया है। क्योंकि ज्यादातर बच्चों को समय से सूचना न मिलने के अभाव में बच्चे दाखिले से वंचित रह जाते हैं। फिलहाल सीबीएलयू के रिजल्ट के देरी के जारी किए जाने पर भी बहुत से विद्यार्थी इस बात का भी हवाला देते हैं। हर साल दाखिले से वंचित रह जाने पर कॉलेज विद्यार्थी छात्र संगठनों के साथ मिलकर सीटें बढ़ाने की मांग करते हैं। वहीं इस बार सीटें खाली होने के बावजूद भी विद्यार्थी अपना रुझान नही दिखा रहे।
स्नातक में दाखिले के लिए पोर्टल को फिर से शुरू किया गया। ताकि दाखिले से वंचित विद्यार्थी अपना दाखिला करा सके। गांव खरक कलां के महिला काॅलेज में स्नातक के दाखिले न के बराबर हुए हैं। वहीं महाराजा नीमपाल सिंह कॉलेज की स्नातक की बीए और बीकॉम के कोर्सों की कुछ सीटें खाली हैं।
- महेंद्र कुमार, प्राचार्य, महाराजा नीमपाल राजकीय कॉलेज, भिवानी।