भिवानी। जिला पुलिस ने साइबर सुरक्षा अभियान के तहत आम लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस साल साइबर अपराध से कुल 65 रिपोर्ट दर्ज हुईं जिनमें 135 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने आरोपियों के खातों से 3 करोड़ 86 लाख 76,837 रुपए होल्ड कराकर पीड़ितों को राहत प्रदान की।
पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने वर्ष 2025 में साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी और सुनियोजित कार्रवाई की। इसके तहत कुल 65 साइबर प्राथमिकी दर्ज की गई और 135 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
साइबर ठगी से पीड़ित आम नागरिकों की आर्थिक हानि रोकने के लिए राशि रिकवर कर पीड़ितों को बड़ी राहत दी गई। पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशों के तहत वर्ष 2025 में आम जनता, विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थानों तक साइबर जागरूकता पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने इस वर्ष 106 साइबर जागरूकता कार्यक्रम स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थानों और पंचायत भवनों में आयोजित किए जिनके माध्यम से लगभग 29,000 विद्यार्थियों और नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
जिला पुलिस ने आम लोगों को डिजिटल ठगी के विभिन्न प्रकारों के प्रति सचेत किया। वीडियो कॉल या फोन कॉल में अपराधी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर धमकाते हैं। टास्क फ्रॉड में सोशल मीडिया पर आकर्षक कमाई का लालच देकर पैसे ठगे जाते हैं। इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी की जाती है। क्रेडिट/डेबिट कार्ड फ्रॉड में आरोपी ओटीपी, कार्ड नंबर व बैंक विवरण लेकर खाते से राशि निकाल लेते हैं। एप, फाइल लिंक और रिमोट एक्सेस फ्रॉड में मोबाइल और खाते खाली कर दिए जाते हैं। साइबर अपराध की स्थिति में नागरिक साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे साइबर अपराधियों से सावधान रहें और किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक, एप या लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। भविष्य में भी इसी प्रकार नागरिकों को जागरूक किया जाएगा और अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक भिवानी