पहले दिन मंडी रही सूनसान, किसानों का रहा इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
जिले में हैफेड व अन्य खरीद एजेंसियों द्वारा इस बार 36 लाख टन सरसों खरीदने का लक्ष्य है। इस बार खरीद पिछले सीजन से 25 दिन पहले शुरू होने के कारण जिले के खरीद केंद्र वीरवार को पहले दिन सुनसान नजर आए। हैफेड बिक्री केंद्र पर अधिकारी किसानों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन पहले दिन एक भी किसान अपना रजिस्ट्रेशन तक करवाने के लिए नहीं पहुंचा। किसानों पर आधार कार्ड, बैंक कॉपी, गिरदावरी कॉपी सत्यापित मांगे जाने से ही किसान खरीद केंद्रों पर आने में हिचकिचाते रहे। देर शाम तक एक किसान अपनी सरसों लेकर मंडी में पहुंचा, लेकिन अधिकारियों ने सरसों में नमी अधिक होने की बात कह कर उसे वापस लौटा दिया।
वीरवार से सरकारी रेट पर खरीद के पहले ही दिन मंडी बिल्कुल सुनसान रही। देर शाम तक किसी भी किसान का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। पहले दिन मंडी में न तो किसान दिखे और न ही मजदूर। अधिकारी सरसों की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऑफिस में इंतजार करते रहे लेकिन सरसों के लिए पूरा दिन कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। शहर की नई अनाज मंडी व चारा मंडी में सरकारी खरीद के लिए केंद्र बनाए गए। किसान का रजिस्ट्रेशन हैफेड ऑफिस में कर चारा मंडी में खरीद सेंटर बनाए गए हैं। पिछले काफी दिनों से मंडी में खरीद इंतजामों के लिए कर्मचारी तैयारियों का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन मंडी में किसानों की फसल की खरीद के लिए मंडी में कोई भी तैयारी दिखाई नहीं दी। मंडी में लगे धर्मकांटा पर ताला लटकता हुआ नजर आया और कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं दिया।
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मंडी नहीं दिखाई दी कोई तैयारी
प्रशासन के द्वारा पिछले काफी समय से सरसों की खरीद के लिए तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन पहले दिन किसानों के लिए कोई भी पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखे। कर्मचारी तैयारियों के पूरे होने का अधिकारियों को भरोसा दिला रहे है। लेकिन मंडी में ने तो पानी का प्रबंध दिखाई दिया और न ही सफाई दिखाई दी।
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एक किसान सरसों लेकर पहुंचा, उसे भी नमी होने पर वापिस लौटाया
पहले दिन सरसों की फसल बेचने के लिए एक किसान अपनी सरसों लेकर मंडी में पहुंचा, लेकिन सरसों में नमी होने के कारण सरसों नहीं खरीदी गई। अधिकारियों ने सरसों में नमी की बात कह उसे वापिस लोटा दिया।
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मंडी में ऑनलाइन खरीद के लिए पूरे बंदोबस्त किए गए हैं, लेकिन पहले दिन कोई भी किसान नहीं आया। बीते सीजन में 10 अप्रैल से खरीद शुरू किए की गई थी, लेकिन अब 15 मार्च से ही खरीद होनी शुरू हो गई है। ऐसे में अभी किसानों की फसल के न पकने के कारण किसान फसल नहीं लेकर आ पा रहे।
नवीन दहिया, फिल्ड इंस्पेक्टर