शहर में शामिल होगी छह गांवों की 3850 एकड़ जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
नगर परिषद का क्षेत्रफल 40 साल बाद बढ़ाए जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है। नगर परिषद सीमा के साथ सटे छह गांवों की पंचायत ने एनओसी दे दी है। स्थानीय शहरी निकाय विभाग व उपायुक्त ने इसके लिए सुझाव व आपत्ति मांगी है। इसके लिए छह सप्ताह की समयावधि तय की गई है। गांव राजपूरा खरकड़ी, पालुवास, तिगड़ाना, कौंट, देवसर का करीब 3850 एकड़ क्षेत्रफल नप सीमा में शामिल होने जा रहा है। इससे नगर परिषद के साथ लगते क्षेत्र का रिहायशी एरिया बढ़ेगा। उत्तर-पूर्व व दक्षिण व पश्चिम में लगते गांवों की तरफ रिहायशी एरिया में पिछले चार दशक में विस्तार हुआ है। इसी देखते हुए दिसंबर 2017 में नप सीमा से लगते गांवों की पंचायत से शहर से लगते हिस्से को नप सीमा में शामिल करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। जिस पर इन गांवों की पंचायत ने कुछ हिस्से को नप सीमा में शामिल किए जाने पर स्थानीय शहरी निकाय विभाग को अनापात्ति प्रमाण पत्र भेजा था। इस पर निकाय विभाग ने अंतिम मोहर लगाने के लिए अब 11 जनवरी 2018 को पत्र जारी कर छह सप्ताह अंदर इन गांवों से सुझाव या आपत्ति दर्ज करवाने के लिए कहा है। ये आपत्ति उपायुक्त कार्यालय व नप सचिव के पास देनी होगी।
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1977 में बढ़ाई गई थी सीमा
जिले का गठन 21 दिसंबर 1963 को हुआ। 1 फरवरी 1977 को नप सीमा को बढ़ाने के लिए सर्वे हुआ। इसके अब चालीस साल बार एक बार फिर से नप का क्षेत्रफल बढ़ने जा रहा है।
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इन गांवों के ये खसरा संख्या की जमीन होगी शामिल
पूर्व सीमा : पालुवास के 41, 44, 172, से 174, 190,191, 203, 216, 227, 244, 250 व गांव कोंट के 2,3,4,6,12, 19 व 21, 227, 229 , 258 को भिवानी नप सीमा में शामिल किया जाएगा।
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दक्षिण सीमा : गांव देवस का 258, 257, 230, 246, 212, 49, 50द , 51, 23, 24 व 25 को शामिल किया जाएगा।
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पश्चिम : देवसर, राजपुरा खरकड़ी के तिराहें की सीमा के 206, 167, 154, 119, 100, 81, 65, 64, 51 व पूर्व की तरफ लगते 4, 5 49, 34, 31, 16 13 खसरा संख्या को नप सीमा में शामिल किया जाएगा।
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उत्तर सीमा : राजपुरा खरकड़ी संख्या नंबर 13, लोहड़ 11,32, 35, 46, तिगड़ाना 293, 294, 295, 314 खसरा नंबर संख्या की भूमि नप सीमा में शामिल की जाएगी।
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आपत्ति व सुझाव के बाद रिपोर्ट भेजेंगे मुख्यालय
नप सीमा बढ़ाने को लेकर पूरी तरह से रास्ता साफ हो चुका है। पूर्व में ही आसपास के गांवों ने अपना अनापत्ति पत्र नप को दे दिया था। अब फिर शहरी निकाय विभाग प्रधान सचिव ने आदेश जारी कर इस मामले में छह सप्ताह के अंदर सुझाव व आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया है। जिसके बाद नप क्षेत्रफल का नया नक्शा तैयार होगा।
आरके महता, सचिव नगर परिषद