फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विरोध जता रही महिलाओं से पुलिस कर्मियों ने की बदसलूकी

विज्ञापन
विज्ञापन
विरोध जता रही महिलाओं से पुलिस कर्मियों ने की बदसलूकी
विज्ञापन

भिवानी। दो दिन के भीतर प्रदेश में तीन बच्चियों की गैंगरेप के बाद हत्या और एक युवती से गैंगरेप घटना का विरोध कर रही महिलाओं से पुरुष पुलिस कर्मचारियों ने सरेआम बदसलूकी की। महिलाओं ने लघु सचिवालय में चाहा तो पुलिसकर्मियों उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्र टिप्पणी भी की। इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी ने महिलाओं से कहा कि ज्यादा हल्ला किया तो गिरफ्तार कर लेंगे। इस बात से महिला नाराज हो गईं और सचिवालय के गेट के बाहर जमीन पर बैठ गईं। इसके बाद पुलिस घेरा बनाकर खड़ी हो गई।
वहीं, लघु सचिवालय सुरक्षा प्रभारी ने कहा कि किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया है।
सोमवार को घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों के लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीसी से मिलने की जिद पर अड़ी महिलाओं को पुलिस ने रोका। इसके बाद महिलाएं सचिवालय के गेट के बाहर जमीन पर बैठ गईं। घंटेभर हंगामे के बाद सीटीएम मौके पर पहुंचे और महिलाओं की बात सुनीं। जींद और पानीपत में रेप के बाद लड़कियों की हत्या के विरोध में दलित अधिकार मंच, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जनवादी महिला समिति, जन संघर्ष समिति व अखिल भारतीय किसान सभा लघु सचिवालय के बाहर जमा हुए। वक्ताओं ने राज्य में बेटियों पर बढ़ते अत्याचार पर चिंता जाहिर की और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
विज्ञापन


पुलिस और महिलाओं के बीच हुई नोक-झोंक
दलित अधिकार मंच और जनवादी महिला समिति की सदस्यों ने इस मसले पर डीसी और एसपी से मिलने के लिए सचिवालय के भीतर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने महिलाओं को अंदर जाने से रोक दिया और कहा कि अधिकारी को यहीं बुलवा देंगे। महिलाओं ने डीसी-एसपी से मिलने की जिद की। लेकिन पुलिस कर्मियों ने अंदर जाने नहीं दिया। इस बात से महिला नाराज हो गईं और कहा कि यदि डीसी-एसपी से मुलाकात नहीं कराई तो हम गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। इस दौरान सचिवालय के सुरक्षा प्रभारी दिलबाग सिंह व जनवादी महिला संगठन की नेत्री सुनीता कूंगड़ के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। घंटेभर के हंगामे के बाद सीटीएम महेश कुमार मौके पर आए और महिलाओं से बात की। महिलाओं ने पानीपत में हुई बच्चियों से दरिंदगी करने वालों को तुरंत गिरफ्तारी और कठोरतम सजा दिए जाने की मांग की। सीटीएम ने महिलाओं की बात सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं रास्ते से हटीं।
--

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ पुलिस वालों ने सरेआम बदसलूकी की। महिलाएं उपायुक्त से मिलने जा रही थी। लेकिन, पुरुष कर्मचारियों ने उन्हें धकेल कर लघु सचिवालय के गेट में नहीं घुसने दिया। उन्हें अभद्र शब्द भी कहे गए। इस मामले में पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
- बिमला घनघस, संतोष देशवाल, सुनीता कूंगड़
जनवादी महिला समिति
--
विभिन्न संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
लघु सचिवालय के बाहर धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अगर समय रहते अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए सजा नहीं दी गई तो प्रदेशभर का किसान, मजदूर, कर्मचारी, महिला, छात्र अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होगा।
विज्ञापन

उपायुक्त कार्यालय पर रोष प्रदर्शन के दौरान दलित अधिकार मंच से सुखदेव सिंह व चन्द्रभान, किसान सभा से मास्टर शेरसिंह, जन संघर्ष समिति से कामरेड ओमप्रकाश, जनवादी महिला समिति से शीला बलियाली, सर्व कर्मचारी संघ से सुखदर्शन सरोहा ने प्रदेशभर में महिलाओं, बच्चियों, दलितों व पिछड़े लोगों पर हो रहे अपराधों के खिलाफ विरोध कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर सज्जन कुमार सिंगला, बिमला घनघस, संतोष देशवाल, सुनीता कूंगड़, सुदेश रिवासा, ओमप्रकाश सैनी, बंसीलाल, महेन्द्र सिंह, फूल कुमार, सुभाष चंद्र, सीताराम, महेन्द्र बडाला, राधेश्याम, राकेश मलिक, सहदेव सिंह, खुशीराम रंगा, बलजीत सिंह, सुरेश कुमार, धर्मबीर सिंह, विनोद कुमार, अनिल, कुलदीप भुक्कल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें