बातचीत से नहर विवाद का हल निकालेगा प्रशासन
बहल। नहर बचाओ संघर्ष समिति द्वारा नहरों की बजाय पाइप लाइन से पानी डालने का किए जा रहे विरोध का प्रशासन ने बातचीत के जरिए हल निकालने का प्रयास किया है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी 7 सितंबर को समिति सदस्यों के साथ हरियावास के पांच नंबर पंप हाउस पर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे तथा संभावित विकल्पों पर विचार करेंगे।
विभिन्न किसान संगठनों को साथ लेकर नहर बचाओ संघर्ष समिति लगातार जनसमर्थन हासिल कर रही है। समिति ने 12, 22 एवं 27 अगस्त को इस मुद्दे को लेकर हरियावास गांव के चबूतरे पर पंचायत कर प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया था। समिति इस मुद्दे पर आर, पार की लड़ाई लड़ने के लिए गांव-गांव जाकर लोगों को किसान और खेती के भविष्य को बचाने का वास्ता देकर अपने साथ जोड़ रही है।
इसी बीच प्रशासन ने सात सितंबर को इस मुद्दे पर संभावित विकल्पों पर विचार के लिए समिति सदस्यों को पांच नंबर पंप हाउस पर मीटिंग के लिए बुलाया है। गौरतलब है कि किसान पांच नंबर पंप हाउस से मिठी तथा अन्य जलघरों को भरने के लिए नहर की बजाय पानी पाइप लाइन से भेजने की योजना पर काम कर रहा है। किसान संगठन पर्यावरण तथा खेती को होने वाले संभावित नुकसान के कारण इस योजना के विरोध में है। समिति सचिव प्रदीप मंढोली कलां ने बताया कि प्रशासन की पहल पर किसान संगठन मीटिंग में शामिल होकर अपनी समस्या रखेंगे।
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लामबंद होने लगे ग्रामीण
नहर बचाओ संघर्ष समिति ने नहर की जगह पाइप लाइन से पानी भेजने की प्रशासन की योजना के विरोध में बुधवार को हरियावास, गोपालवास, मंढोली कलां, मिठी, मोरका, सिवाच, मंढोली खुर्द सहित अन्य गांवों में 11-11 सदस्यों की कमेटियों का गठन किया। समिति सदस्यों ने कहा कि प्रशासन की योजना से लाखों की लागत से बनाए गए ट्यूबवेल खराब हो जाएंगे। समिति सचिव प्रदीप मंढोली कलां ने बताया कि गांवों में लोग समिति के अभियान का साथ देने के लिए आगे आ रहे हैं।