अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर हरियाणा अध्यापक संघ का प्रतिनिधि मंडल पानीपत में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा स्कूल हरियाणा विभाग पीके दास से मिला। सभी ने उनके समक्ष मांगें रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।
संघ राज्य प्रधान वजीर सिंह ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में राज्य प्रधान वजीर सिंह, बलबीर सिंह, महताब मलिक, जगरोशन, राजेंद्र बाटु, धर्मेंद्र ढांडा, मुकेश यादव, जगतार सिंह, महिपाल चमरोड़ी, धर्मपाल शर्मा आदि शामिल रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि एनजीओ को शिक्षा विभाग का एक भी पैसा नहीं देंगे। अभी तक स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची हैं। 16 तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे है। वर्दी के 130 करोड़ रुपये खातों में डाल दिए गए हैं, स्टेशनरी और बैग के भी डाल दिए हैं। 2014 तक के पे-प्रोटेक्शन के मामले निपटा दिए गए हैं। सभी प्राथमिक विद्यालयों में मुख्य शिक्षक का पद दिया जाएगा। नई छात्र संख्या के आधार पर जहां पद बनता है, वहां पद दिया जाएगा। 25 जुलाई से टीजीटी सीएंडवी और जेबीटी के तबादले होंगे। जेबीटी सीएंडवी के अंतरजिला तबादलों के लिए पॉलिसी तैयार करके चीफ सेक्रेटरी के पास भेज दी गई है। वहां से अप्रूवल मिलते ही तबादले होंगे। अध्यापक संघ नेता वजीर ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बनी है। इस कारण उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बगैर मान्यता के चल रहा है शहर का नामी स्कूल
भिवानी। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने लोहारू रोड ओवरब्रिज के पास एक निजी स्कूल बिना मान्यता के चलाने का आरोप लगाते हुए स्कूल प्रबंधन, जिला शिक्षा अधिकारी समेत छह लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव पीके दास और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजे हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि शहर के लोहारू रोड ओवरब्रिज के पास एक निजी स्कूल है। इसके लिए हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार या अन्य किसी से मंजूरी नहीं ली गई है। 18 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी और 26 मई को मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा था। इस पर सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के दौरान स्कूल प्रबंधन समिति को अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। इसमें समिति ने कहा कि शहर में चल रहा एक अन्य स्कूल और यह स्कूल अलग-अलग नहीं है। दोनों की प्रबंधन समिति एक है। जांच के बाद बीईओ ने जो रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। इसमें स्पष्ट कहा है कि स्कूल प्रबंधन समिति मान्यता संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी है। बृजपाल परमार का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पहले ही सूचित किया था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगा।