भिवानी। रोडवेज हड़ताल में शामिल पांच चालकों और एक परिचालक को सोमवार को सस्पेंड कर दिया गया। जिसको लेकर रोडवेज कर्मचारियों में खलबली मची रही। वहीं दिनभर में करीब 72 बसें चली। जिससे यात्रियों को कुछ राहत मिली।
720 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में सोमवार को रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। रोडवेज हड़ताल के चरमराई व्यवस्थाओं के कारण प्रशासन ने पांच ड्राइवर और एक कंडक्टर को सस्पेंड किया गया। ड्राइवरों में सुनील, ऋषि, नरेश, रमेश कुमार, भूप सिंह शामिल है जबकि कंडक्टर जय सिंह को सस्पेंड किया गया। इन पर आरोप है कि उक्त सभी ने 26 अक्तूबर तक अपनी ड्यूटी की, लेकिन 27 से अचानक ड्यूटी छोड़करर हड़ताल में शामिल हो गए और अपनी जरूरी सेवा नहीं की। जिस कारण इन्हें सस्पेंड किया गया।
चंडीगढ़ तक गई बस, 72 बसें चली
काफी दिनों बाद सोमवार को चंडीगढ़ के लिए बस रवाना हुई। सुबह 04:20 पर चंडीगढ़ के लिए बस गई। इसके अलावा दिनभर में 72 बसें चली। जिससे यात्रियों ने कुछ राहत की सांस ली। ठेके पर भर्ती किए गए चालकों और होमगार्ड को कंडक्टर बनाकर परिवहन व्यवस्था को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे है।
हड़ताल से निपटना होगी कड़ी चुनौती
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 30 और 31 अक्तूबर को हड़ताल करने का निर्णय लिया है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्थाएं कितनी प्रभावित होंगी और प्रशासन क्या व्यवस्था बनाता है। इसके अलावा अनेक ग्राम पंचायतें और खाप भी कर्मचारियों के समर्थन में है और उन्होंने गांव में बसें नहीं घुसने देने की चेतावनी दी है।