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बिजली बिल ठीक कराना था, आडै कोई सैए कोनी, किस पै ठीक करावा

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। सरकार नै बिल माफी की स्कीम तो लागू कर दी, आड़ै कर्मचारी है कोनी, किस पै काम करांवा, किस तरिया बिल माफ होवै। कर्मचारी हड़ताल करै, भुगतणा हामनै पड़ै। यह बात बिजली निगम में पहुंचे विभिन्न गांवों के लोगों ने कही। विभिन्न विभागों में कर्मचारी मास कैजुअल लीव लेकर हड़ताल पर रहे और लोग परेशान रहे। 11 विभागों के 4062 कर्मचारी मास कैजुअल लीव लेकर हड़ताल में शामिल हुए तो चार विभागों में हड़ताल पूरी तरह बेअसर रही। 11 विभागों के करीब 46 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बिजली निगम, शिक्षा विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, हुडा, आईटीआई के अधिकतर कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर होने के कारण व्यवस्था भी बिगड़ी। लोग विभागों के चक्कर काटते रहे और उनकी समस्या का समाधान करने के लिए कोई नहीं था।
कोई बिल लिए घूमता रहा तो कोई मार्कशीट ठीक कराने के लिए रहा परेशान
बिजली निगम, नगर परिषद, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में लोगों और विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी हुई। बिजली निगम में गांवों से लोग अपने बिलों से संबंधित समस्या को ठीक कराने के लिए भटक रहे थे तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में दूर-दराज के जिलों से आए विद्यार्थी और उनके अभिभावक भी कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परेशान दिखे।
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मां के नाम बिल सै, ठीक करणिया कोए सीट पै है कोनी
पालुवास गांव से आए दर्शन ने बताया कि वह सुबह से भटक रहा है। बिजली का मीटर मां के नाम है और 36 हजार का बिल आया हुआ है। बीपीएल की स्कीम आई है मगर यहां ना तो कोई ठीक करने वाला और ना ही कोई कुछ बताने वाला। 12 हजार पहले ही भर चुके है। अब पता नहीं स्कीम का लाभ मिलेगा या नहीं।

हर बार गलत बिल भेजते हैं
उमरावत गांव से आए बुजुर्ग हनुमान ने बताया कि पिछली बार भी बिल ठीक कराकर गया था। इस बार फिर बिल गलत भेज दिया। 9690 रुपये का बिल आया हुआ है। कर्मचारी जानबूझकर परेशान करते हैं। आज कर्मचारी हड़ताल पर हैं और परेशान हमें भुगतनी पड़ रही है।

बेरा नी ठीक करेंगे भी या नहीं
पालुवास गांव से आई महिला उषा ने बताया कि 48,773 रुपये का बिल आ रया है। कई दिन होगे चक्कर काटते। बीपीएल का कार्ड है। स्कीम भी आ री है, फेर भी कोए ठीक करणिया नहीं। आज हड़ताल बतावे हैं। फेर गांव तै आना पड़ैगा और पूरा दिन खराब होवैगा।

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बावल तै आया हूं, यहां भी बताने वाला कोए नी
रेवाड़ी के गांव बावल से आए युवा कैलाश ने बताया कि मार्कशीट में गलती है जिसे ठीक कराने के लिए आया। पहले रोडवेज बस नहीं चलने के कारण समस्या आई और राजस्थान रोडवेज की बस के सहारे भिवानी पहुंचा। बोर्ड में आया तो बताया कि लंच हो रया सै। बाद में बताया कि हड़ताल सै। अब इतनी दूर आए सैं, काम भी नहीं हो रहा। एक दिन आज का खराब होया अर दोबारा आणा पड़या तो और परेशानी।
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कहीं पसरा सन्नाटा, कहीं नहीं दिखा असर
मास कैजुअल लीव के कारण किसी विभाग में सन्नाटा पसरा रहा तो कहीं बिल्कुल असर नहीं दिखा। सबसे ज्यादा असर बिजली निगम में दिखा। यहां कुल भिवानी-दादरी के 1948 कर्मचारियों में 1200 गैर हाजिर रहे। 75 फीसदी तक अधिक नियमित कर्मचारी हड़ताल पर रहे तो 45 फीसदी तक अनुबंधित कर्मचारियों ने हड़ताल की। शिक्षा विभाग के 3,799 कर्मचारियों में 1,832 हड़ताल पर रहे जिनमें क्लेरिकल स्टाफ के अलावा शिक्षक भी मास कैजुअल लीव पर रहे। जनस्वास्थ्य विभाग के 690 कर्मचारी अनुपस्थित रहे।
कहां कितने कर्मचारी रहे गैर हाजिर
विभाग कर्मचारी अनुपस्थित
राजस्व विभाग 165 --
बिजली निगम 1060 881
शिक्षा विभाग 3799 1832
नगर परिषद/पालिका 327 309
शिक्षा बोर्ड 662 33
वन विभाग 159 83
जनस्वास्थ्य विभाग 1740 690
स्वास्थ्य विभाग 1952 --
पंचायती राज 48 01
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 55 22
आबकारी एवं कराधान विभाग 19 --
हुडा विभाग 41 20
सिंचाई विभाग 842 103
लोक निर्माण विभाग 166 88
समाज कल्याण अधिकारी 14 --
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