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बारहवीं में अंग्रेजी, हिंदी व अन्य विषयों में आइएनए (आंतरिक मूल्यांकन) लागू करने पर विचार

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। लंबे अरसे से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बने सीसीई के अंक अब राहत लेकर आएंगे। दरअसल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सीसीई को खत्म कर उसकी जगह पंजाब, हिमाचल की तर्ज पर आईएनए (आंतरिक मूल्यांकन) शुरू करने की तैयारी में है। इस पर विचार विमर्श के बाद मंजूरी के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। बारहवीं में अंग्रेजी, हिंदी व अन्य विषयों में आईएनए लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
अब तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में 20 अंक सीसीई के दिए जाते थे। ऐसे में जब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पास विद्यार्थी दूसरे राज्यों के कॉलेजों में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं तो उनके 10 फीसदी अंक सीसीई के कारण सीधे कम कर दिए जाते थे। इसी समस्या के निपटान के लिए बोर्ड अधिकारी मंथन कर रहे थे। अब बोर्ड अधिकारियों ने पंजाब, हिमाचल की तर्ज पर सीसीई की जगह आईएनए अपनाने का निर्णय लिया है। आईएनए के 20 अंक होंगे।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह की अध्यक्षता में शैक्षिक मामलों को लेकर एक बैठक हुई। बैठक में पंजाब व हिमाचल की परंपरा के अनुसार आईएनए लागू करने का फैसला लिया गया।
सीसीइ को सीबीएसई के पैटर्न पर लाने का फैसला किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय हरियाणा के छात्रों के दस अंक काट लेता था। अब फिजिक्स, केमेस्ट्री व बायो में 70 थ्योरी व 30 अंकों की प्रेक्टिकल की परीक्षा होगी, जबकि पूर्व में 60 अंकों की थ्योरी, 20 सीसीई व 20 अंक प्रेक्टीकल के दिए जाते थे। बारहवीं में अंग्रेजी, हिंदी व अन्य विषयों में आइएनए (आंतरिक मूल्यांकन) लागू करने पर विचार किया गया। अब 80 अंक की परीक्षा व 20 अंक की आइएनए होगी। पंजाब व हिमाचल में भी यही पैटर्न लागू है।
अब सीसीई समाप्त कर दी जाएगी। बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने बताया कि इस फैसले पर मुहर लगा दी गई हेै और इसे हरियाणा में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चों में पढ़ने की भी आदत आएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के वर्ष 2017 में कंपार्टमेंट आया था लेकिन अबकी बार मार्च में भी पास नहीं हो पाए थे। इससे 30 हजार बच्चों को फायदा होगा और पास होने पर विद्यार्थी जुलाई माह में कॉलेजों में एडमिशन ले सकेंगे।
बैठक में गुरुजंभेश्वर विश्वविद्यालय से रजिस्ट्रार अनिल पुंडीर, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वीसी अशोक दिवाकर, सीबीएलयू के वीसी के ओएसडी हरिदत्त कौशिक, डीएन कालेज आफ एग्रीकल्चर जयपुर से डॉ. रणसिंह सैनी, लुवास यूनिवर्सिटी हिसार से डॉ. विनोद, सीबीएसइ प्रतिनिधि डॉ. अलका माथुर, एससीइआरटी से डॉ. मनोज शर्मा, डीएसई से प्रतिनिधि डॉ. उमेश गुप्ता, आइटीआइ प्रतिनिधि जगदीप, रेवाड़ी बीईओ सुभाष यादव, बोर्ड के सहायक निदेशक राजेश शर्मा, डॉ. अनिल गौड़, चांदराम शर्मा, नेपाल तंवर व रघविंद्र महता मौजूद रहे।
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अब निशान लगाने की बजाए लिखना होगा उत्तर
साथ ही बोर्ड की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अब तक जिस प्रकार वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर निशान लगाकर देने होते थे और अब उत्तर लिखना होगा। हालांकि उत्तर एक लाइन का ही होगा। दसवीं एवं बारहवीं कक्षा में 16 अंक के पूछे जाने वाले वैकल्पिक प्रश्नों की संख्या घटाकर छह की जा रही है, जबकि 1-1 अंक के दस सवालों का जवाब एक शब्दीय होगा और उसमें कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा। इन फैसलों पर अंतिम मुहर बोर्ड निदेशक मंडल की बैठक में लगेगी।
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