बलिदान दिवस : गांव धनाना को ट्रैक्टर-ट्रालियों से भरने का किया आह्वान
भिवानी। बेशक समझौते के बाद 15 फरवरी को जींद में होने वाली अमित शाह की रैली का जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने विरोध करने से इनकार कर दिया हो, लेकिन बलिदान दिवस पर गांव धनाना में अपनी पूरी शक्ति प्रदर्शित करने के तैयारी कर रहा है। जाट धर्मशाला में मंगलवार को आयोजित जाट समुदाय की बैठक को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने कहा कि सरकार म्हारी ट्रैक्टर ट्रालियां ने रोका इतना जुगाड़ कौनी। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि बलिदान दिवस पर गांव धनाना को ट्रैक्टर-ट्रालियाें से भरकर अपनी ताकत दिखाओ।
जाट धर्मशाला में मंगलवार सुबह जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान होशियार सिंह व प्रदेश सचिव गंगाराम श्योराण ने कहा कि सरकार के साथ समझौता स्वीकार है। अब जाट समुदाय के लोग जींद रैली में कोई व्यवधान नहीं डालेंगे। 11 फरवरी को मुख्यमंत्री से हुई समझौता वार्ता से संतुष्ट है। जाट नेताओं ने कहा कि वे 18 फरवरी को जिले के गांव धनाना में बलिदान दिवस मनाएंगे। 11 फरवरी के समझौते के बाद 15 फरवरी की अमित शाह की रैली से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई अन्य राजनीतिक दल जींद रैली का विरोध करता है तो इससे उनका कोई सरोकार नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि 11 फरवरी के समझौते के तहत मुकदमे वापिस लेने, 31 मार्च तक बैकवर्ड कमीशन से डाटा लेकर हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने व केंद्र सरकार के मार्च में होने वाले संसद सत्र में ओबीसी कमीशन का बिल लाए जाने के आश्वासन से वे संतुष्ट हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रदेश व केंद्र सरकार उनकी मांगों को पूरा करेगी। जाट नेताओं ने कहा कि प्रदेश के आपसी भाईचारे व सद्भावना को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी को ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर धनाना में मनाए जा रहे बलिदान दिवस में शामिल होंगे। इस अवसर पर बलबीर बजाड़, राम सिंह फरटिया, जगत मित्ताथल, धर्मबीर कुंगड़, वेद प्रकाश धनाना, ओम प्रकाश बामला, राज सिंह जताई, दलबीर सिंह, वेदपाल ढिल्लो, श्रीपाल राठी, मंगल सिंह सुई, लीला धनाना, होशियार, प्रताप, हरीकिशन, दिलबाग नांगल, रेणू रानी नांगल, हवा सिंह घुसकानी, बलवान सिंह धनाना आदि मौजूद थे।