‘बेटा आज तो खाद दे, तड़के बहू का अंगूठा पक्का लगवा दूंगा’
तोशाम। बेटा आज तो खाद दे, तड़के बहू का अंगूठा पक्का लगवा दूंगा। पटौदी में स्थित दी सहकारी एवं कॉपरेटिव बैंक से पुत्रवधू का आधार कार्ड लेकर खाद लेने पहुंचा एक बुजुर्ग किसान ने कर्मचारियों से कुछ इस तरह से अपील की। उल्लेखनीय है कि अभी किसानों को रबी फसल के लिए यूरिया खाद की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। किसानों को घंटों कतार में लगने के बाद आधार कार्ड से अंगूठा लगवाकर पांच बैग खाद के दिए जा रहे हैं।
किसान संजय, सुखबीर, बलवान, रमेश, राजकुमार आदि ने बताया कि बुआई के बाद गेहूं-सरसों की फसल में पानी के दौरान यूरिया खाद की जरूरत होती है। गेंहू व सरसों की फसल में पानी दिया जा रहा है। लेकिन क्षेत्र में यूरिया की कमी है। किसानों को खाद लेने के लिए सुबह जल्दी उठकर सोसायटियों के आगे लाइन में लगना पड़ता है। किसानों का कहना है कि लाइन में लगने के बाद भी आधार कार्ड पर पांच बैग खाद ही मिल रहे हैं जो कि बहुत कम है। किसानों ने सरकार से खाद की किल्लत अतिशीघ्र दूर किए जाने की मांग की है। इस बारे में सोसाइटी प्रबंधक नरेंद्र कुमार ने बताया कि जितनी खाद आती है उसका वितरण सही ढंग से किया जा रहा है। एक किसान को आधार कार्ड पर पांच बैग दिए जा रहे हैं।
भारतीय किसान युनियन के जिला प्रधान मेवासिंह आर्य, पूर्व सरपंच धर्मसिंह, किसान नेता रवि बहल, सुरेंद्र छपारिया आदि ने कहा कि सरकार को खाद की किल्लत की ओर अतिशीघ्र ध्यान देकर समाधान करना चाहिए। समय पर खाद नहीं मिली तो किसान बर्बाद हो जाएगा।