भिवानी। स्वच्छता में देशव्यापी रैंकिंग में बेहद खराब प्रदर्शन करने वाले भिवानी जिले को स्वच्छ शहरों की कतार में शामिल कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बैठक में उपायुक्त ने चार जनवरी 2018 से शुरू होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में जानकारी दी और भिवानी शहर को गंदगी से मुक्त बनाने के लिए जरूरी निर्देश दिए।
सोमवार को लघु सचिवालय के डीआरडीए हाल में उपायुक्त अंशज सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की अधिकारियों व नगर पार्षदों की बैठक आयोजित हुई। उन्होंने बताया कि देशभर के 4041 शहरों में स्वच्छता की रैंकिंग की जाएगी, जिनमें भिवानी शहर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए विशेष योजना बनाई जाए। इसके साथ-साथ अत्यधिक कूड़ा-कचरा डलने वाली जगह की पहचान की जाए और वहां से नियमित रूप से कूड़े का उठान किया जाए। उन्होंने बताया कि रैंकिंग के लिए चार हजार के करीब प्वाइंट तय किए गए हैं। ऐसे में शहर को इस तरह स्वच्छ बनाया जाए कि भिवानी शहर स्वच्छता की रैंकिंग में टॉप पर आए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने नगर पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आमजन की भी जिम्मेवारी बनती है कि वे अपने घर के आस-पास प्रवेश में गंदगी का आलम न बनने दें।
इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल, लोहारू के एसडीएम उत्तम सिंह आईएएस, नगराधीश महेश कुमार, नगर परिषद प्रधान रण सिंह यादव सहित अनेक पार्षद व नगर परिषद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।