कॉलेज प्राध्यापकों ने धरना देकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सातवें वेतन आयोग का लाभ, पेंशन लाभ सहित आदि मांगो को लेकर आदर्श कॉलेज व वैश्य कॉलेज के प्राध्यापकों ने धरना दिया। प्राध्यापकों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
आदर्श महिला महाविद्यालय में एआईएफयूसीटीओ के बैनर तले बुधवार को प्राध्यापकों ने धरना दिया। प्राध्यापिका डा. माया यादव ने बताया कि सरकार 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को शिक्षकों पर लागू करने में जानबूझ कर विलंब कर रही है। जबकि अन्य विभागों में इसे केंद्र एवं राज्य स्तरों पर लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द एपीआई को समाप्त करे, पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करे। केंद्र सरकार एक साजिश के तहत यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के अस्तित्व को समाप्त कर रही है जो निंदनीय है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों कों भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले राष्ट्रीय स्तर के धरने में सभी शिक्षक भाग लेंगे।
वैश्य कॉलेज प्राध्यापकों ने कॉलेज परिसर में लगाए नारे
हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन के आह्वान पर वैश्य महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भी कॉलेज परिसर में मांगों को लेकर रोष जताया। धरने का नेतृत्व करते हुए एचटीसीए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह चाहर ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता के कारण आज पूरे देश के कॉलेज शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार नहीं चेती तो शिक्षक वर्ग बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। धरने में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विक्रम सिंह, धीरज त्रिखा, पवन कौशिक, संजय गोयल, सुरेंदर दलाल, अनिल पिंकी, सुधा चौहान, सविता जैन, रश्मि बजाज, अंजू राजन, पूनम वर्मा, आशा नेहरा, वंदना वत्स, डॉ. हरिकेश पंघाल, अनिल शर्मा, सतीश श्योराण, कृष्ण शर्मा, रतन सिंह, मनीष कुमार, नरेंद्र कुमार, विपिन गुप्ता, पवन गुप्ता, मंगत राम, सुरेश शर्मा, रीना, ऋतु, मधु गुप्ता, श्रुति रानी, सरिता गोयल आदि मौजूद रहे।
लेक्चरर ने मांगों को लेकर दिया सांकेतिक धरना
तोशाम। चौधरी बंसीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय के प्रांगण में लेक्चरर ने सांकेतिक धरना दिया। धरने में सेंट्रल बॉडी के पूर्व वित्त सचिव डॉ. जेएस दूहन ने केंद्र सरकार से महाविद्यालय टीचरों के सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों कि रिपोर्ट को सार्वजनिक कर लागू करने, छठे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियां दूर करने, पीएचडी के लिए नेट की अनिवार्यता को हटाने, पीएचडी अग्रिम वेतनवृद्धि देने, महाविद्यालयों में कार्यरत अनुबंध व एक्सटेंशन लेक्चरर के लिए वेतन का स्केल जारी करने की मांग की। धरना में प्रोफेसर प्रदीप कुमार, उपप्रधान डॉ. रीना रीना पंघाल, डॉ. सुरेंद्र अग्रवाल, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. सुखबीर सिंह, डॉ विभा, डॉ ईशा चौधरी, डॉ. तेजपाल दहिया, रवि यादव, प्रोफेसर राज सिंह आदि मौजूद रहे।