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म्हारे तो इसे शौचालय बनवाए, कर्जे में डूबो दिया

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भिवानी। म्हारे तो सरकार ने इसे शौचालय बणवाए, कर्जे मै डबो दिया। पांच रपिये सैकड़ा का ब्याज ठा कै शौचालय बणाया अर इब रपिया खातर कमेटी के चक्कर काटने पड़ रे सै। यह कहना है खुले में शौच मुक्त योजना के तहत शौचालय बनवाने वाली महिलाओं का। शहर के बावड़ी गेट, नया बाजार की महमिया गली, दादरी गेट आदि क्षेत्रों में करीब 745 परिवारों ने कर्ज लेकर शौचालय बनवाए। पहली किश्त तो मिली लेकिन सालभर बाद भी दूसरी किस्त के लिए नगर परिषद के चक्कर लगा रहे हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से ही राशि नहीं आई है।
सरकार की ओर से खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत प्रत्येक घर में शौचालय बनाने की योजना चलाई गई है। योजना के तहत पात्र परिवारों को दो किस्तों में 14 हजार रुपये दिए जाने हैं। पहली शुरूआत में और दूसरी शौचालय का निर्माण पूरा होने पर। भिवानी मेें 750 परिवारों ने शौचालय का निर्माण कराया था। निर्माण के बाद पहली किस्त तो आई लेकिन दूसरी किस्त के लिए लोग नप के चक्कर लगा रहे हैं जहां उन्हें कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा कि कब तक उन्हें दूसरी किस्त की राशि मिलेगी।
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20 हजार लाग्गे, पांच रपिये सैकड़ा ब्याज पर लाए थे, इब तक कोनी मिले
नया बाजार की महमिया गली वासी महिला सिलोचना ने बताया कि डेढ़ साल हो गया शौचालय बने। सारे कागज भी जमा करा दिए। कई बार कमेटी के चक्कर भी लगाए। दूसरी किस्त के रपिये इब तक कोनी मिले। 14 हजार देने हैं और खर्च होगे 20 हजार। सात हजार दिए तो काम शुरू कर दिया। ब्याज पै रपिये ठा कै पूरा काम करवाया। सालभर का ब्याज और लाग गया।
उधार चुकानी है, टेंशन रहने लगी
महिला मिनाक्षी ने बताया कि पहले शौचालय में बड़ी समस्या आती थी। सरकार ने शौचालय के लिए रुपये दिए तो अच्छा लगा। अब घर में शौचालय तो बन गया मगर दूसरी किस्त के लिए कई बार कार्यालय में गए। इतना जवाब देते हैं कि अभी ऊपर से नहीं आए। उधार रुपये लेकर बनवाए, अब जिससे उधार लिए, उसे लौटाने भी हैं। यह टेंशन और हो गई।

उधार लेकर काम करवाया, अब तक नहीं मिली दूसरी किस्त
महिला संतोष ने बताया कि उसके पति की तबीयत ठीक नहीं रहती। इस कारण कड़ी वाली छत का शौचालय बनवाया। 22 हजार रुपये लग गए। अब तक पहली किस्त के सात हजार रुपये मिले हैं। नप के कई बार चक्कर लगा लिए। एक ही जवाब देते हैं कि आए नहीं है इबे।
क्कर काट-काट कै परेशान होगे, पता न रुपये मिलेेंगे या नहीं
महिला कमलेश ने बताया कि पहले किसी तरह काम चल रहा था। अब शौचालय तो बन गया मगर रुपये वाली टेंशन है। एक किस्त के रुपये दिए हैं। दूसरी किस्त खातिर हम तो चक्कर काट-काट कै परेशान होगे, पता न रुपये मिलेंगे या नहीं।

पुराने को किस्त नहीं दी, नए बनवाने की तैयार
शौचालय के लिए पहली किस्त दी लेकिन दूसरी किस्त के लिए लोग परेशान हैं। पहले वालों को दूसरी किस्त की राशि मिली नहीं, नए शौचालय बनवाने के लिए रुपये जारी कर दिए। अब नप के पास 700 शौचालय के लिए सात-सात हजार रुपये की पहली किस्त आ चुकी है। जिन घरों में शौचालय नहीं हैं, उनसे फार्म भरवाकर उन्हें दिए जाएंगे। मगर पहले शौचालय बनाने वालों को दूसरी किस्त कब मिलेगी, किसी को नहीं पता।
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शायद दोनों की दूसरी किस्त साथ आए
इस बारे में नगर परिषद के सचिव राजेश महता और सेनेटरी इंस्पेक्टर संजय ने बताया कि पहले 745 शौचालय बनवाए थे जिनकी पहली किस्त दी जा चुकी है। अब 700 और शौचालय के लिए राशि आई हुई है जिनके फार्म जल्द ही भरवाए जाएंगे। सरकार से दूसरी किस्त की राशि नहीं आई है। शायद दोनों की इकट्ठे आए।
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