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दूसरी कक्षा के छात्र को किया प्रताड़ित, पिता ने मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति

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भिवानी। शहर के शिव नगर कॉलोनी स्थित एक प्राइवेट स्कूल के संचालक पर दूसरी कक्षा के छात्र के परिजनों ने फीस के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। यहीं नहीं शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर बच्ची के पिता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
पतराम गेट पड़ाव मोहल्ला निवासी विजय कुमार ने शिकायत में बताया कि उसने उक्त स्कूल की एक ही कोड पर फर्जी रूप से शाखा और फर्जी स्कूल संचालन की शिकायत करीब दो साल पहले प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग को दी थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लगातार दो सालों के दौरान अनेक जगह शिकायत दी। आरोप है कि स्कूल संचालक व शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप यह भी है कि उसी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले उसके सात वर्षीय बेटे को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। विजय ने बताया कि बेटे की स्कूल डायरी में भी नाजायज तौर पर फीस भुगतान संबंधी बार बार नोट लिखा जा रहा है। जबकि वह स्कूल फीस का नियमित रूप से भुगतान करता आ रहा है। जिसकी रसीदें भी उसके पास हैं। उसका बेटा भी मानसिक प्रताड़ित होने के कारण अब स्कूल नहीं जाने की जिद कर रहा है। विजय ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के अलावा हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
विजय कुमार ने बताया कि शिवनगर कॉलोनी में फर्जी स्कूल संचालन संबंधी शिकायत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ साथ जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भी दी थी। लेकिन अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उसे ही मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विजय का आरोप है कि उसके सात वर्षीय बेटे को स्कूल के अंदर धूप में खड़ा कर उसे शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
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निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ रही: परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार ने निजी स्कूलों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही हैं। अभिभावक भी उनकी नाजायज शर्तों के थोपे जाने से मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विजय कुमार ने इच्छा मृत्यु की मांग सिर्फ सिस्टम से तंग होकर मांगी हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चे की डायरी पर फीस संबंधित कोई भी टिप्पणी दर्ज नहीं की जा सकती है। यह नियमों के खिलाफ है।
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